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'J-K में भी बने लव जिहाद कानून', धर्म परिवर्तन मसले पर सिख डेलिगेशन की गृह राज्य मंत्री से मांग

जम्मू कश्मीर में कथित तौर पर बंदूक के दम पर जबरन धर्म परिवर्तन के दो मामले सामने आए थे. इस पर अब सिख डेलिगेशन ने गृह राज्य मंत्री से मीटिंग की है.

गृह राज्य मंत्री से मिला सिख प्रतिनिधिमंडल गृह राज्य मंत्री से मिला सिख प्रतिनिधिमंडल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • धर्म परिवर्तन मसले पर सिख डेलिगेशन गृह राज्य मंत्री से मिला
  • सिख डेलिगेशन ने J-K में भी लव जिहाद कानून की मांग की

कश्मीर में सिख लड़कियों के जबरन धर्मांतरण का मुद्दा गरमाता जा रहा है. मंगलवार को सिख नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी से मिला. इस प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी नेता आरपी सिंह भी शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने मामले में उचित एक्शन की मांग की. मीटिंग में शामिल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश की तर्ज पर जम्मू कश्मीर में भी लव जिहाद कानून बनाने की मांग उठाई है.

आरोप है कि दो सिख लड़कियों को श्रीनगर में बंदूक की नोक पर अगवा किया गया, फिर उम्रदराज लोगों से उनका निकाह करवा दिया गया. रेड्डी ने प्रतिनिधिमंडल को उचित मदद का भरोसा दिया है. साथ ही कहा कि वह गृह मंत्री अमित शाह से इस पर चर्चा करेंगे.

मनजीत सिंह जीके ने दावा किया कि इन केसों से पहले भी जम्मू कश्मीर में जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि अगर लव जिहाद कानून को बनने में वक्त लगेगा तो सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए. अब श्रीनगर के साथ-साथ दिल्ली में भी प्रदर्शन हो रहे हैं. अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मिल चुके हैं और उचित एक्शन की मांग की गई है. सिन्हा ने उनको हरसंभव मदद का भरोसा दिया है.

एक लड़की परिवार के पास लौटी

सिख लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में एक लड़की 18 साल की है. कथित तौर पर उसका 40 साल के एक शख्स से निकाह करवाया गया, जो कि पहले से शादीशुदा भी है. परिवार के विरोध के बाद लड़की को माता-पिता को सौंप दिया गया है. दूसरे केस में भी बालिग लड़की का मुस्लिम शख्स से निकाह हुआ है. लेकिन यहां लड़की ने कोर्ट में कहा है कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है.

परिवार ने कहा - मानसिक तौर पर कमजोर है लड़की

सिख समुदाय का आरोप है कि श्रीनगर में पहले भी ऐसे मामले हुए हैं जहां लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन करवाया गया. परिवारों का आरोप है कि जिस कोर्ट में लड़की की पेशी हुई थी, वहां उनको नहीं जाने दिया गया था. उन्होंने पुलिस पर भी सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है. परिवार का कहना है कि जिस लड़की ने पति के साथ रहने की हामी भरी है वह मानसिक तौर पर कमजोर है.

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