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फैक्ट चेक: कनाडा का नहीं है सिख गुटों के बीच भिड़ंत का ये वीडियो

झड़प में लोग तलवार दिखाते हुए भी नजर आ रहे हैं. पोस्ट में दावा किया गया है कि ये वीडियो कनाडा के एक गुरुद्वारे का है. कहा जा रहा है कि जस्टिन ट्रूडो ने भारत में खालिस्तानियों का समर्थन किया और अब उनके ही देश के गुरुद्वारों में सत्ता के लिए सिख आपस में लड़ रहे हैं.  

फैकट चेक फैकट चेक

किसान आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि उनका देश शांतिपूर्वक आंदोलन का समर्थन करता है. ट्रुडो सरकार पर खालिस्तानी समर्थकों के प्रति उदार रहने के आरोप भी लगते रहते हैं. अब इसी के मद्देनजर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक गुरुद्वारे में कुछ महिलाओं सहित सिख समुदाय के लोगों को आपस में मारपीट करते हुए देखा जा सकता है.

झड़प में लोग तलवार दिखाते हुए भी नजर आ रहे हैं. पोस्ट में दावा किया गया है कि ये वीडियो कनाडा के एक गुरुद्वारे का है. कहा जा रहा है कि जस्टिन ट्रूडो ने भारत में खालिस्तानियों का समर्थन किया और अब उनके ही देश के गुरुद्वारों में सत्ता के लिए सिख आपस में लड़ रहे हैं.  

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि पोस्ट में किया जा रहा दावा पूरी तरह से सही नहीं है. वीडियो जनवरी 2016 का और अमेरिका के कैलिफोर्निया का है.

इस वीडियो को शेयर करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा है, "कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो भारत में खालिस्तानियों को समर्थन दे रहा है. अब कनाडा में ही गुरुद्वारों की सत्ता के लिये सिखों में आपस में संघर्ष शुरू हो गए हैं. जल्दी ही ये सारे कनाडा में दिखेगा. जो दूसरों के लिये गड्ढा खोदता है .......".

वीडियो को इसी तरह के एक अंग्रेजी कैप्शन के साथ फेसबुक पर भी पोस्ट किया गया है. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

कैसे पता की सच्चाई?

वीडियो को कुछ कीवर्ड की मदद से खोजने पर हमें इसको लेकर "Hamdard Media Group Canada" नाम का एक वेरिफाइड यूट्यूब चैनल मिला. यहां 12 जनवरी 2016 की एक खबर में इस वीडियो के बारे में बताया गया था. खबर के मुताबिक, सिखों का ये झगड़ा कैलिफोर्निया के टरलॉक शहर के एक गुरुद्वारे में हुआ था.

ये वीडियो हमें जनवरी 2016 की कई और मीडिया रिपोर्ट्स में भी मिला. एबीपी न्यूज के यूट्यूब वीडियो में भी वायरल वीडियो को कैलिफोर्निया के टरलॉक शहर का बताया गया है. एबीपी न्यूज के वीडियो में बताया गया है कि ये भिड़ंत दो गुटों के बीच गुरुद्वारे के तौर-तरीकों में बदलाव करने को लेकर हुई थी. "द ट्रिब्यून" और 'स्क्रॉल' की खबरों में ये भी लिखा है कि लड़ाई गुरुद्वारे का नेतृत्व और चंदा जमा करने को लेकर हुई थी.

यहां पर ये साबित हो जाता है कि वीडियो पांच साल से ज्यादा पुराना है और कनाडा का नहीं बल्कि अमेरिका का है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

सिखों की आपसी मारपीट का ये वीडियो कनाडा के एक गुरुद्वारे का है. ये मारपीट हाल-फिलहाल में हुई है.

निष्कर्ष

वायरल वीडियो जनवरी 2016 का और अमेरिका के कैलिफोर्निया का है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

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