पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंदाज बदला हुआ है. लंबी दाढ़ी हो या फिर कुर्ता, या चाहे किसी बैठक में बैकग्राउंड में दिखने वाली कोई तस्वीर ही क्यों ना हो, सबमें पश्चिम बंगाल का कोई न कोई टच जरूर नजर आता है. ऐसे में राजनीतिक गलियारों में भी पीएम मोदी का ये अंदाज सुर्खियां बटोर रहा है.
गुरुवार को भारत और बांग्लादेश के बीच वर्चुअल समिट हुई, जिसमें पीएम मोदी और बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हिस्सा लिया. इस बैठक में पीएम मोदी बंगाली स्टाइल वाला कुर्ता पहने नजर आए, साथ ही बंगाली लुक वाली ही शॉल भी डाले दिखे.
Addressing the India-Bangladesh virtual summit with PM Sheikh Hasina.
— Narendra Modi (@narendramodi)
इतना ही नहीं, पीएम मोदी के पीछे बैकग्राउंड में जो तस्वीर थी वो भी कूचबिहार पैलेस की थी. ऐसा पहली बार नहीं है, इससे पहले इसी महीने की एक बैठक में पीएम मोदी के बैकग्राउंड में बंगाल का दक्षिणेश्वर मंदिर दिखा था.
Speaking at the India Uzbekistan Virtual Summit.
— Narendra Modi (@narendramodi)
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इससे पहले जब पीएम मोदी ने दुर्गा पूजा के अवसर पर बंगाल के लोगों को संबोधित किया था, तब उन्होंने बांग्ला भाषा में ही बधाई दी थी. इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने बंगाल से आने वाले सांसद बाबुल सुप्रियो द्वारा गिफ्ट किया गया कुर्ता पहना था. अभिनेत्री गुल पनाग भी पीएम मोदी के लुक की तारीफ कर चुकी हैं और रवींद्र नाथ टैगोर जैसा लुक बता चुकी हैं.
Btw liking honourable PM ji's new look.😀
— Gul Panag (@GulPanag)
Very vintage. 🙌
Like Rabindranath Tagore.🙏
चुनाव से पहले एक ओर जहां टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने बीजेपी नेताओं पर बाहरी कहकर हमला तेज किया है, ऐसे में विश्लेषकों का कहना है कि अपने हर छोटे-छोटे लुक में बांग्ला टच देकर पीएम मोदी इसे ही काउंटर कर रहे हैं.
PM Modi's Bengali makeover?
— Indrajit Kundu | ইন্দ্রজিৎ - কলকাতা (@iindrojit)
Bengali style panjabi (kurta) & shawl with image of Coochbehar palace in backdrop during today's Indo-B'desh summit
Earlier this month, during another event image of Dakshineshwar temple was in background
Significant optics ahead of polls!
ममता बनर्जी ने भी बीते दिनों पीएम मोदी के इस अंदाज पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि टेलिप्रॉम्पटर में देखकर बंगाली में भाषण देना बंद होना चाहिए, मैं भी गुजराती स्पीच को अपनी भाषा में लिखकर बोल सकती हूं. पश्चिम बंगाल में अगले साल चुनाव होना है, उससे पहले टीएमसी और बीजेपी में कई मोर्चों पर आमने-सामने की जंग जारी है.