नए साल में सभी वाहनों के लिए फास्टैग (FASTag) जरूरी कर दिया गया है. सरकार की तैयारी है कि 1 जनवरी से 100 फीसदी टोल फास्टैग की मदद से ही कलेक्ट किया जा सके. अब तक कुछ वाहनों को छूट दी जा रही थी, जिसे 31 दिसंबर से खत्म कर दिया गया है, लेकिन सरकार ने 15 फरवरी तक एक राहत भी दी है.
हाईब्रिड लेन में छूट
एक जनवरी 2021 से सभी वाहनों के लिए फास्टैग जरूरी कर दिया गया है. हालांकि सरकार ने कहा है कि 15 फरवरी तक सभी टोल प्लाजा पर हाईब्रिड लेन चलता रहेगा ताकि इस सिस्टम को सहजता से लागू किया जा सके. हाईब्रिड लेन का मतलब यह है कि सिर्फ इसी लेन में नकद भुगतान भी लिया जाता रहेगा.
क्या कहा मंत्रालय ने
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने गुरुवार को यह साफ किया कि 1 दिसंबर, 2017 से पहले बिके सभी एम और एन श्रेणी के वाहनों में FASTag लगवाना 1 जनवरी, 2021 से अनिवार्य है. ‘M’ श्रेणी में वे चार पहिया या उससे ज्यादा के वे वाहन आते हैं जिनसे यात्रियों की ढुलाई हो रही हो. इसी तरह ‘N’ श्रेणी में यात्रियों और माल ढुलाई करने वाले चार पहिया या उससे ज्यादा के वाहन आते हैं, जैसे बस-ट्रक आदि.
has mandated fitment of FASTag with effect from 1st January, 2021, in M and N categories of motor vehicles sold before 1st December, 2017.
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मंत्रालय ने साफ किया कि 1 जनवरी से अनिवार्य फास्टैग लागू होने का सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल अपनी जगह पर कायम है. लेकिन सभी नेशल हाईवे टोल प्लाजा के हाईब्रिड लेन पर 15 फरवरी तक FASTag के साथ ही नकद भुगतान भी लिया जाता रहेगा. लेकिन FASTag लेन पर सिर्फ FASTag से ही भुगतान होगा.
सरकार है प्रतिबद्ध
मंत्रालय ने कहा कि वह 1 जनवरी 2021 से 100 फीसदी ई-टोलिंग के लिए प्रतिबद्ध है. गौरतलब है कि टोल प्लाजा पर टोल टैक्स के इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट की व्यवस्था साल 2016 में शुरू की गयी थी. इसके तहत जब FASTag वाला कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है तो उसका टोल टैक्स अपने आप कट जाता है.