6 देशों ने रोकी UN के जरिये फिलिस्तीन को मिल रही फंडिंग, लगाए गंभीर आरोप

इजरायल ने यूएनआरडब्ल्यू के 12 कर्मचारियों पर हमास के आतंकियों के साथ मिलकर 7 अक्टूबर के हमले में शामिल होने का आरोप लगाया. इजरायल के आरोप के बाद शुक्रवार को एजेंसी ने उन कर्मचारियों की जांच शुरू कर सभी को बर्खास्त कर दिया था. 

Advertisement
6 देशों ने रोकी UN के जरिये फिलीस्तीन को मिल रही फंडिंग. 6 देशों ने रोकी UN के जरिये फिलीस्तीन को मिल रही फंडिंग.

aajtak.in

  • लंदन,
  • 28 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 10:09 AM IST

इजरायल और हमास के बीच जारी जंग के बीच अमेरिका समेत 6 देशों ने संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) की एक एजेंसी की फंडिंग को बंद कर दिया है. इजरायल ने यूएनआरडब्ल्यू नाम की संस्था के 12 कर्मचारियों पर हमास के आतंकियों के साथ मिलकर 7 अक्टूबर के हमले में शामिल होने का आरोप लगाया था. इजरायल के आरोपों के बाद शुक्रवार को एजेंसी ने उन कर्मचारियों की जांच शुरू कर सभी को बर्खास्त कर दिया.

Advertisement

UNRWA की स्थापना 1948 के युद्ध के शरणार्थियों की मदद के लिए की गई थी और यह गाजा, वेस्ट बैंक, जॉर्डन, सीरिया और लेबनान में फिलिस्तीनियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और मदद कर रहा है. ये गाजा की 2.3 मिलियन आबादी में से लगभग दो तिहाई की मदद करता है और 7 अक्टूबर के हमलों के बाद हमास को खत्म करने के लिए इजरायल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के दौरान इसने महत्वपूर्ण सहायता भूमिका निभाई है.

अब इजरायल के आरोपों के बाद गाजा का समर्थन में  ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, फिनलैंड ने संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने एजेंसी के फंडिंग को बंद दिया है. 

एजेंसी की फंडिंग बंद होने पर खुशी जताते हुए इजरायल के विदेश मंत्री इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि गाजा के पुनर्निर्माण में यूएनआरडब्ल्यूए को सच में शांति और विकास के लिए समर्पित एजेंसियों से बदला जाना चाहिए.

Advertisement

'UNRWA का मजूबत है रिकॉर्ड'

संयुक्त राष्ट्र के डिप्टी प्रवक्ता फरहान हक से जब कैट्स की टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम बयानबाजी पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं. सब कुछ मिलाकर यूएनआरडब्ल्यूए का रिकॉर्ड काफी अच्छा है, जिसे में हमने बार-बार दोहराया है. 

'चौंकाने वाला है फंडिंग रोकने का फैसला'

वहीं, यूएनआरडब्ल्यूए के आयुक्त-जनरल फिलिप लाजारिनी ने कहा कि नौ देशों के फैसले से पूरे क्षेत्र में खासकर गाजा में उसके मानवीय कार्यों को काफी खतरा है. उन्होंने एक बयान में कहा, कर्मचारियों के एक छोटे समूह के खिलाफ आरोपों की प्रतिक्रिया में एजेंसी की फंडिंग बंद किया जाना चौंकाने वाला है, जबकि हमने यूएनआरडब्ल्यूए ने अपने कॉन्ट्रैक्ट को खत्म कर उन सभी कर्मचारियों के खिलाफ जांच शुरू कर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है. यूएनआरडब्ल्यूए ने पहले भी लगे ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है.  

इस पूरे मामले पर फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने इजरायल की आलोचना की है और हमास ने जायोनी दुश्मन से प्राप्त जानकारी के आधार पर कर्मचारियों को बर्खास्त करने के फैसले की निंदा की है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement