अमेरिका अपने इरादे पूरे करने के लिए किस हद तक जा रहा है, इसका ताजा उदाहरण सामने आया है. पिछले साल वेनेजुएला के तट पर ड्रग्स तस्करी में कथित रूप से शामिल एक नाव पर हमला करने के लिए अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए विमान को एक नागरिक विमान जैसा दिखने के लिए रंगा गया था.
अमेरिका का ये कदम हैरान करता है, क्योंकि ऐसा करना पेंटागन की युद्ध कानूनों वाली नियमावली के उलट है. ऐसा करना कपट माना जाता है. क्योंकि, इससे असली नागरिक विमानों को खतरा हो सकता है.
न्यूज एजेंसी AP की खबर के मुताबिक, वो विमान, असल में निगरानी अभियानों में इस्तेमाल होने वाले एक गुप्त अमेरिकी बेड़े का हिस्सा था. आमतौर पर सैन्य विमान में गोला-बारूद बाहर की तरफ दिखते हैं. लेकिन सैन्य प्रोटोकॉल के विपरीत से विमान अंदर की तरफ छिपाकर गोला-बारूद ले जा रहा था.
ये नई जानकारी ट्रंप के वेनेजुएला एक्शन के बाद सामने आई है. इस अभियान की शुरुआत लैटिन अमेरिका में सैन्य संसाधनों की तैनाती और कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाली कई नौकाओं पर हमले से हुई थी, जिनमें कम से कम 115 लोग मारे गए थे. इस अभियान का अंत इस महीने एक चौंकाने वाले छापे के साथ हुआ जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें और उनकी पत्नी को मादक पदार्थों की तस्करी के संघीय आरोपों का सामना करने के लिए अमेरिका ले जाया गया.
सितंबर से लेकर अब तक नावों पर हुए हमलों को सही ठहराते हुए, ट्रंप प्रशासन ने तर्क दिया है कि अमेरिका इस क्षेत्र में मादक पदार्थों के गिरोहों के साथ 'सशस्त्र संघर्ष' में है.
क्या कहती हैं US मिलिट्री गाइडलाइंस
अमेरिकी मिलिट्री गाइडलाइंस नागरिक विमान का ढोंग करने के खिलाफ चेतावनी देती है. ऐसा करने को कानूनी तौर पर 'विश्वासघात' कहा जाता है.
रक्षा विभाग की 1,000 से अधिक पन्नों वाली नियमावली में साफ लिखा है कि 'नागरिक होने का दिखावा करके हमला करना' इस प्रथा का एक उदाहरण है. नौसेना की नियमावली में बताया गया है कि 'नागरिक के वेश में दुश्मन सेना पर हमला करने से सभी नागरिक खतरे में पड़ जाते हैं.'
खबर के मुताबिक, जिस विमान को नागरिक विमान के रूप में दिखाया गया, उसका इस्तेमाल 2 सितंबर को हुए हमले में किया गया था, जो संदिग्ध ड्रग नौकाओं पर अमेरिकी घातक सैन्य हमलों के महीनों तक चलने वाले अभियान की पहली घटना थी.
अमेरिका ने 2025-26 में वेनेजुएला तट के पास कई नावों पर सैन्य हमले किए, जिन पर कथित तौर पर ड्रग तस्करी का आरोप लगाया गया है. इन हमलों में दर्जनों लोगों की मौत भी हुई है.
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