पहले फायरिंग की फिर दागे मोर्टार, Taliban के Pakistan पर एक साल में 300 से ज्यादा हमले

पाकिस्तान के चित्राल में तहरीक-ए-तालिबान और PAK सेना के बीच भीषण गोलीबारी चल रही है. इस जंग में अब तक पाकिस्तान के 4 सैनिक और टीटीपी के 12 लड़ाके मारे जा चुके हैं. टीटीपी का दावा है कि उसने पाकिस्तान के कई गांवों पर कब्जा कर लिया है.

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सांकेतिकत तस्वीर सांकेतिकत तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 2:15 PM IST

ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ की चादर, नदी में कल कल बहता पानी और मनमोहक नजारे... सर्दी के मौसम में चित्राल की खूबसूरती कुछ ऐसी ही होती है. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत का सबसे बड़ा शहर चित्राल, जहां पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर के करीब PAK सेना और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP के बीच जंग छिड़ी हुई है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में अब तक पाकिस्तान के 4 सैनिक और TTP के 12 लड़ाके मारे जा चुके हैं. फायरिंग के साथ शुरू हुई जंग में अब TTP ने पाकिस्तान पर मोर्टार दागने भी शुरू कर दिए हैं. गुरुवार को 3 बार मोर्टार दागे गए हैं. हालांकि, यह पूरी जंग पाकिस्तान के इलाके में ही चल रही है.

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चित्राल की पहाड़ियां सर्दी के मौसम में जब बर्फ से ढकी रहती हैं तो वहां आवाजाही करीब-करीब बंद हो जाती है. लेकिन, गर्मियों के मौसम में TTP के लड़ाके ज्यादा एक्टिव रहते हैं. पिछले एक साल के रिकॉर्ड को देखें तो टीटीपी ने अपना वजूद बढ़ाने के लिए खैबर पख्तूनख्वा में एक के बाद 300 से ज्यादा हमलों को अंजाम दिया है. इस बार तो हालात इतने खराब हैं कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान से सटी बॉर्डर को तक बंद करना पड़ा है.

पाकिस्तान के सैनिकों पर किया हमला

चित्राल में ही हिंदुकुश पहाड़ का सबसे ऊंचा हिस्सा मौजूद है. यहां पाकिस्तान और अफगानिस्तान करीब 2,640 किलोमीटर की बॉर्डर शेयर करते हैं. इसे डुरंड रेखा या वखान कॉरिडोर भी कहा जाता है. यह कॉरिडोर पाकिस्तान के साथ-साथ अफगानिस्तान को ताजिकिस्तान से भी जोड़ता है. यहां 6 सितंबर से पाकिस्तान की सेना और टीटीपी के लड़ाकों के बीच जंग छिड़ी हुई है. एक दिन पहले ही टीटीपी के हथियारबंद लड़ाकों ने इस इलाके में पाकिस्तान की सैन्य चौकियों को निशाना बनाया था. इसके बाद ही दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई थी.

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चित्राल में मौजूद हैं हजारों मुजाहिदीन

पाकिस्तानी सेना के साथ शुरू हुई गोलीबारी के बाद टीटीपी के प्रवक्ता मुहम्मद खुरासानी ने चेतावनी देते हुए कहा,'याद रखना चाहिए कि हमारे हजारों मुजाहिदीन पहले ही चित्राल की भूमि पर स्थापित हो चुके हैं'. पाकिस्तान पहले ही अफगान तालिबान पर टीटीपी को सरंक्षण देने का आरोप लगाता आया है. हालांकि, अफगान तालिबान बर बार जवाब देता है कि पाकिस्तान में होने वाले किसी भी हमले में अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. बता दें कि तहरीक-ए-तालिबान यानी की टीटीपी का गठजोड़ अलकायदा के साथ माना जाता है.

क्या है डूरंड लाइन विवाद?

दोनों देशों के बीच डूरंड रेखा का मुद्दा सामने आते ही हालात तनावपूर्ण हो जाते हैं. यह वो लाइन है, जिसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ब्रिटिश काल में खींचा गया था. अफगानिस्तान ने इस रेखा को मानने से इनकार कर दिया था. अफगानिस्तान की पिछली सरकारों की तरह ही तालिबान भी इस रेखा को नहीं मानता है. इसी सीमा पर कुछ इलाकों में पाकिस्तान की तरफ से बाड़ लगाई गई है, जिसे तालिबान समय-समय पर उखाड़ फेंकता है. तालिबान के लड़ाके कई बार बॉर्डर पार करने वाले पाकिस्तानियों को भी निशाना बना लेते हैं.

सरकार गिराना चाहता है TTP

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बता दें कि नवंबर 2022 से ही TTP ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ जंग छेड़ रखी है. TTP का कहना है कि वह पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को हराकर वहां की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगा. इसके बाद तहरीक-ए-तालिबान वहां शरिया कानून का पालन करने वाली सरकार बनाएगा. अपने इस मिशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिए TTP ने पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के अंदर कई बड़े हमलों को अंजाम दिया है.

कब्जे की बात से PAK का इनकार

पाकिस्तान अपनी जमीन पर TTP के किसी भी तरह के कब्जे से इनकार कर रहा है. हालांकि, उसने इस मुठभेड़ में 4 सैनिकों की मौत की बात कबूली है. पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ISPR ने कहा है कि पाकिस्तान की ओस्ताई सुरक्षा जांच चौकी पर TTP ने हमला किया, जिसमें दो PAK सैनिकों की मौत हो गई, जबकि जंजीरीत जांच चौकी पर भी TTP ने हमले को अंजाम दिया और वहां भी दो सैनिक मारे गए. इस मुठभेड़ में पाकिस्तान के चार जवान भी घायल हुए हैं, जिनका चित्राल स्काउट्स अस्पताल में इलाज चल रहा है. पाकिस्तान का दावा है कि उसकी सेना ने गोलीबारी में TTP के 12 लड़ाकों को ढेर कर दिया. बड़ी तादाद में लड़ाके घायल भी हुए हैं.

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