दुनिया का पहला रोबोट वकील पहली पेशी से पहले ही कानून के कठघरे में आ गया है.सिर मुंडाते ओले पड़े की तर्ज पर रोबोट वकील खुद ही कानूनी दांव पेंच में फंस गया है.उस पर बिना पढ़ाई, डिग्री और लाइसेंस लिए कानूनी प्रैक्टिस का इल्जाम लगा है.वकील से सीधे मुलजिम बन रोबोट वकील साहब के खिलाफ अमेरिकी कोर्ट में मुकदमा चलेगा.
लॉ फर्म ने रोबोट वकील के खिलाफ दायर किया मुकदमा
शिकागो स्थित लॉ फर्म एडल्सन ने सुपीरियर कोर्ट ऑफ स्टेट ऑफ कैलिफोर्निया में रोबोट वकील पर मुकदमा दायर कर कहा है कि रोबोट वकील के पास न तो कानून की डिग्री है और न ही लाइसेंस.इस पर कोई सुपरवाइज यानी नियंत्रक संस्थान भी नहीं है.
पहली पेशी से पहले ही मुकदमा
जे एडल्सन नामक लॉ फर्म की ओर से जोनाथन फरीदियां ने अमेरिकी स्टार्ट अप कम्पनी डू नॉट पे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है.'डू नॉट पे' कुछ महीनों पहले तब चर्चा में आई जब उसने कृत्रिम बुद्धिमता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से रोबोट वकील बनाने का खुलासा किया.जनवरी में इसका ट्रायल हुआ.मार्च में उसकी पहली पेशी की पेशकश हुई और मुकदमा दर्ज हो गया.
रोबोट वकील के काम को खत्म करने की गुहार
डू नॉट पे के सीईओ जोशुआ ब्राउडर ने खुद ही ट्वीट कर ये कहा कि एक बुरी खबर है.अमेरिका के अमीर लॉ फर्म एडल्सन ने डू नॉट पे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर इस कृत्रिम बुद्धिमता से युक्त रोबोट वकील के कामकाज को खत्म करने की गुहार लगाई है.ये रोबोट फिलहाल तो ओवर स्पीडिंग से जुड़े मामलों पर कानूनी सलाह, बहस और तर्क दलील देता है.इसकी निर्माता कम्पनी का दावा है कि इस रोबोट वकील को कोर्ट में पेशी के दौरान एप्पल इयर पॉड्स के जरिए कनेक्ट रखा जाता है.
बता दें कि कुछ समय पहले ही अमेरिका में दुनिया का पहला AI टेक्नोलॉजी से संचालित ‘रोबोट वकील’ बनाया गया. इसको लेकर DoNotPay के संस्थापक और सीईओ जोशुआ ब्राउनर ने कहा था कि कानून लगभग कोड और भाषा का मिलाजुला स्वरूप है, इसलिए इसमें एआई का एकदम सटीक इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पहली बार होगा कि एआई आधारित एक रोबोट वकील के रूप में एक वास्तविक अदालत में जिरह करेगा. कंपनी का दावा था कि उनका यह रोबोट स्मार्टफोन पर चलता है, जो अदालती कार्यवाही को सुनने के बाद प्रतिवादियों को निर्देश देगा कि कैसे एक ईयरपीस के माध्यम से जवाब दिया जाए. वह बताएगा कि कैसे जुर्माना और अन्य दंड का भुगतान करने से बचा जाए.
संजय शर्मा