पाकिस्तान में जहरीली हवा, सांस लेना मुश्किल… घुटने लगा लोगों का दम, AQI ‘खतरनाक’ स्तर पर

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में घने स्मॉग और ठंडे मौसम के चलते हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है. लाहौर समेत कई जिलों में AQI 'बहुत खराब' से 'खतरनाक' स्तर तक पहुंच गया है, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.

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पाकिस्तान का पंजाब स्मॉग से घुट रहा. (Representative Image /Reuters) पाकिस्तान का पंजाब स्मॉग से घुट रहा. (Representative Image /Reuters)

aajtak.in

  • इस्लामाबाद,
  • 18 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:43 AM IST

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं. घने स्मॉग की मोटी चादर ने पंजाब के बड़े हिस्से को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, जिससे कई जिलों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक गिर गई है. लगातार कोहरे और ठंडे मौसम के बीच बढ़ते प्रदूषण ने पब्लिक हेल्थ को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है.

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एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (EPA) के आंकड़ों में सामने आया है कि सुबह से दोपहर तक के मॉनिटरिंग पीरियड में पंजाब का औसत AQI 200 दर्ज किया गया, जो ‘Unhealthy’ कैटेगरी में आता है.

मुजफ्फरगढ़ सबसे ज्यादा प्रदूषित, लाहौर भी बेहाल

EPA के आंकड़ों के मुताबिक, कई जिलों में हालात इससे भी ज्यादा खराब हैं. मुजफ्फरगढ़ में AQI 291 दर्ज किया गया, जो सबसे ज्यादा है. रहीम यार खान में AQI 279, लाहौर में AQI 274, तीनों जिले ‘Very Unhealthy’ कैटेगरी में हैं. इसके अलावा, गुजरात में AQI 214 खानेवाल में AQI 204 दर्ज किया गया.  नारोवाल, फैसलाबाद, डेरा गाजी खान, मुल्तान और बहावलपुर जैसे शहर भी ‘Unhealthy’ रेंज के ऊपरी स्तर पर बने हुए हैं.

लाहौर में कई इलाकों की हवा ‘Hazardous’

लाहौर में अलग-अलग इलाकों में AQI में भारी अंतर देखा गया, लेकिन हालात कुल मिलाकर बेहद गंभीर बने हुए हैं. टाउन हॉल में AQI 442, एगर्टन रोड पर AQI 402, लाहौर वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी इलाके में AQI 357 पहुंच गया है. ये सभी इलाके ‘Hazardous’ कैटेगरी में हैं.

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इसके अलावा सफारी पार्क में AQI 342 दर्ज किया गया. अपेक्षाकृत कम प्रदूषित माने जाने वाले इलाकों शाहदरा, कहाना नऊ हॉस्पिटल और पंजाब यूनिवर्सिटी में भी AQI सुरक्षित स्तर से काफी ऊपर रहा. वहीं, वाघा और बेदियां जैसे बाहरी इलाकों में AQI ‘Unhealthy’ कैटेगरी में बना हुआ है.

सेहत पर गंभीर खतरा, डॉक्टरों की चेतावनी

पर्यावरण विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इतने ऊंचे प्रदूषण स्तर के लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस की बीमारियां, दिल से जुड़ी समस्याएं और ज्यादा गंभीर हो सकती हैं. खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं.

कोहरा और ठंड बढ़ाएंगे संकट

पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (PMD) के मुताबिक, देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में हल्की पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है, लेकिन यह इतना मजबूत नहीं है कि मैदानी इलाकों से प्रदूषकों को हटा सके. PMD का पूर्वानुमान है कि ऊपरी खैबर-पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. पंजाब में ठंडा और शुष्क मौसम बना रहेगा.

पंजाब, ऊपरी सिंध और खैबर-पख्तूनख्वा के मैदानी इलाकों में सुबह और रात के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. पिछले 24 घंटों में देश के ज्यादातर हिस्सों में ठंडा और सूखा मौसम रहा, जबकि पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड दर्ज की गई.

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बर्फबारी और कड़ाके की ठंड

ऊपरी खैबर-पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है, जिनमें कलाम आस्तोर स्कर्दू शामिल हैं. न्यूनतम तापमान में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है.

लेह में माइनस 8 डिग्री सेल्सियस

गुपिस में माइनस 7 डिग्री, बगरोटे में माइनस 6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया.

सरकार ने क्या अपील की?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्मॉग से प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी है कि बाहर निकलने से बचें, मास्क पहनें, पीक प्रदूषण के समय खिड़कियां बंद रखें. पर्यावरण अधिकारियों ने एक बार फिर धुआं छोड़ने वाले वाहनों, औद्योगिक उत्सर्जन और फसल अवशेष जलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया है. चेतावनी दी गई है कि अगर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में हालात सुधरने की संभावना बेहद कम है.

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