पाकिस्तान के मॉल में अग्निकांड, 24 घंटे बाद भी 50 लोग लापता, क्या हुआ था कराची के गुल प्लाजा में?

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

Advertisement
कराची में गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग. (photo: PAK Media @Dawn) कराची में गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग. (photo: PAK Media @Dawn)

aajtak.in

  • कराची,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:14 AM IST

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में एमए जिन्नाह रोड पर स्थित प्रसिद्ध गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. आग इतनी भीषण थी कि दमकल की टीम को आग पर काबू पाने में 24 घंटे से भी ज्यादा वक्त लगा गया. फिलहाल  कूलिंग की प्रक्रिया जारी है. इस हादसे में 6 लोगों के मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं. जिनकी तलाश के लिए बचाव दलों की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

Advertisement

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने बताया कि इस हादसे में अब तक 6 लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है, जिसमें कराची मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन (KMC) के कर्मी फुरकान शौकत भी शामिल हैं. हादसे में 22 लोग घायल हुए थे, जिन्हें मामूली चोटें आई थी. इन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग की वजह माना जा रहा है.

60 लोगों के लापता

उन्होंने कहा, 'ये बहुत दुखद घटना है. लगभग 58 से 60 से अधिक लोग लापता हैं. ईश्वर उन्हें सुरक्षित रखे.' स्थानीय मीडिया का दावा है कि दक्षिण जिला कार्यालय को परिवारों से 53 लापता लोगों की रिपोर्ट मिली है.

हादसे के बाद से ही मॉल के बाहर व्यापारियों और परिजनों की भारी भीड़ जमा है. दक्षिण जिला प्रशासन को अब तक 53 लोगों के लापता होने की आधिकारिक रिपोर्ट मिली है, जबकि मुख्यमंत्री ने ये संख्या 60 के पार होने की आशंका जताई है.

Advertisement

पुलिस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

दिल्ली कॉलोनी के निवासी मंसूर और जमील ने बताया कि उनके परिवार के 6 सदस्य, जिनमें तीन महिलाएं और एक 14 साल की बच्ची शामिल है, खरीदारी के लिए आए थे और शनिवार रात 10 बजे के बाद से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया है. प्रशासन ने लापता लोगों की जानकारी के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं- 0313-5048048, 021-99206372, 021-99205625,

दूसरी ओर दक्षिण जोन पुलिस द्वारा जारी एक अलग बयान में हेल्पलाइन संपर्क नंबर 021-99205670, 021-99201196, 021-99205691 जारी किए हैं. 

गिरने की कगार पर है इमारत

रेस्क्यू 1122 के COO अबीद जलाल ने चेतावनी दी है कि आग की तपिश के कारण इमारत का ढांचा बेहद जर्जर हो गया है. इमारत का पिछला हिस्सा पहले ही गिर चुका है और सामने का हिस्सा भी गिरने की कगार पर है. इस खतरे को देखते हुए बचाव दल बेहद सावधानी से अंदरूनी हिस्सों में तलाशी ले रहे हैं.

24 घंटे बाद आग पर पाया काबू

उन्होंने बताया कि आग इतनी भयावह थी कि उसे पर काबू पाने में 26 फायर टेंडर और 125 से अधिक बचाव कर्मियों को 24 घंटे का समय लगा. रविवार शाम तक आग पर 70 प्रतिशत काबू पाया गया है, जिसके बाद रात 10 बजे रेस्क्यू 1122 की टीमें जली हुई इमारत के अंदर जा चुकी है.

उधर, सिंध सरकार ने पूरी घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और कमिश्नर कराची से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि पुरानी इमारतों में फायर एग्जिट और सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बड़ी समस्या रही है.

Advertisement

कैसे लगी आग

शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है जो एक दुकान में ज्वलनशील सामग्री से शुरू हुआ और धीरे-धीरे पूरे मॉल में फैल गई. मॉल में करीब 1,000 से 1,200 दुकानें थीं, जिसमें क्रॉकरी, कपड़े, इलेक्ट्रिकल सामान, कॉस्मेटिक्स, परफ्यूम और अन्य ज्वलनशील सामग्री भरी हुई थीं. इमारत 1980 के दशक की पुरानी है, जिसमें बेसमेंट समेत तीन मंजिलें हैं.

200 से 250 करोड़ रुपये का नुकसान

व्यापारियों के संगठन 'ऑल सिटी ट्रेडर्स इत्तेहाद एसोसिएशन' का अनुमान है कि इस अग्निकांड में करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है.

राष्ट्रपति और पीएम ने जताया दुख

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. राष्ट्रपति ने शहीद दमकलकर्मी फुरकान शौकत को नागरिक पुरस्कार (Civil Award) देने के लिए सिंध सरकार को नामांकित करने का निर्देश दिया है. प्रधानमंत्री ने प्रभावित व्यापारियों को केंद्र की ओर से हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है. 

वहीं,  सिंध सरकार ने कहा है कि नुकसान का आकलन करने के बाद मुआवजा देने पर फैसला लिया जाएगा. वर्तमान में पुलिस और रेंजर्स ने सुरक्षा के लिहाज से इलाके की घेराबंदी कर रखी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement