पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी 5 साल तक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, ECP ने अयोग्य घोषित किया

पाकिस्तान में 8 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ को बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने इमरान के करीबी शाह महमूद कुरेशी को 5 साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है.

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पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी को 5 साल के लिए अयोग्य घोषित किया. (File Photos/AP) पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी को 5 साल के लिए अयोग्य घोषित किया. (File Photos/AP)

aajtak.in

  • इस्लामाबाद ,
  • 04 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 5:36 AM IST

पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) ने शनिवार को पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी को इस सप्ताह सिफर मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 5 साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया. बता दें कि 8 फरवरी को पाकिस्तान में आम चुनाव होने हैं, उससे पहले इमरान खान की पार्टी पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) के लिए यह एक बड़ा झटका है. ईसीपी की एक अधिसूचना के मुताबिक, पूर्व विदेश मंत्री को 'द स्टेट बनाम इमरान अहमद खान नियाजी और मखदूम शाह महमूद क़ुरैशी' मामले में विशेष अदालत के न्यायाधीश द्वारा दिए गए 30 जनवरी के फैसले के आधार पर अयोग्य घोषित किया गया है.

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अधिसूचना में कहा गया है कि अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद, कुरेशी पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 63(1)(एच) के साथ चुनाव अधिनियम, 2017 की धारा 232 के तहत अयोग्य हो गए हैं. पीटीआई उपाध्यक्ष अगले पांच साल तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. 30 जनवरी को, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत स्थापित एक विशेष अदालत ने सिफर मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी को 10 साल जेल की सजा सुनाई थी. सिफर मामला एक राजनयिक दस्तावेज से संबंधित है, जिसके बारे में संघीय जांच एजेंसी के आरोप पत्र में कहा गया है कि इमरान खान ने इसे कभी वापस नहीं किया.

पीटीआई ने दावा किया कि उस दस्तावेज में इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की धमकी थी. राजनयिक दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में इमरान खान और शाह महमूद कुरेशी पिछले साल से मुकदमे का सामना कर रहे थे और अदियाला जेल में बंद थे. दोनों पीटीआई नेताओं पर अपने नापाक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए डिप्लोमेटिक सिफर का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया था. गृह सचिव की शिकायत पर इस मामले में इमरान और कुरेशी के खिलाफ 15 अगस्त, 2023 को आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. 

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एफआईआर में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, उनकी सरकार में विदेश मंत्री रहे शाह महमूद क़ुरैशी को नामित किया गया था, जबकि पूर्व प्रमुख सचिव आजम खान और पूर्व योजना मंत्री असद उमर के नाम का भी उल्लेख किया गया था. बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पिछले 7 महीने से अदियाला जेल में बंद हैं. उन्हें पिछले साल 5 अगस्त को तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था. अदालत ने तोशाखाना मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 14-14 साल की सजा सुनाई है.

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