म्यामांर की राष्ट्रपति बनने पर है पाबंदी तो सू की बनेंगी विदेशमंत्री

म्यामांर में दशकों बाद बनी पहली असैन्य सरकार की विदेश मंत्री आंग सान सू की होंगी. राष्ट्रपति बनने पर पाबंदी के बावजूद उनकी पार्टी की इस घोषणा से लोकतंत्र समर्थक नेता को एक औपचारिक पद मिला है.

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आंग सान सू की आंग सान सू की

संदीप कुमार सिंह

  • नायपीताउ,
  • 22 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 8:53 PM IST

म्यामांर में दशकों बाद बनी पहली असैन्य सरकार की विदेश मंत्री आंग सान सू की होंगी. राष्ट्रपति बनने पर पाबंदी के बावजूद उनकी पार्टी की इस घोषणा से लोकतंत्र समर्थक नेता को एक औपचारिक पद मिला है.

नोबेल पुरस्कार विजेता ने राष्ट्रपति पद के लिए अपने करीबी ह्तीन क्याव चुना है. पूर्व सैन्य शासित राष्ट्र में यह सरकार अगले हफ्ते शासन की बागडोर संभालेगी.

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सू च्यी एकमात्र महिला और अपनी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी की छह सदस्यों में शामिल हैं जिन्हें कैबिनेट में जगह मिली है. संसद के स्पीकर मान विन खाइंग थान ने मंगलवार सुबह उनके नाम की घोषणा की.

एनएलडी प्रवक्ता जाउ एम. माउंग ने बाद में इस बात की पुष्टि की कि वह विदेश मंत्रालय का नेतृत्व करेंगी और संकेत दिया कि वह अन्य भूमिकाएं भी निभाएंगी.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘वह मुख्य रूप से विदेश मंत्री होंगी. यदि वह कर्तव्यों को साझा करना चाहती हैं तो अन्य मंत्रालयों में उनके पास योग्य लोग है, वह उन्हें काम सौंप सकती हैं.’ पार्टी ने असैन्य सरकार द्वारा चुने गए 18 पदों के लिए 15 मंत्री नामित किए हैं. इससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि सू की चार विभाग संभाल सकती हैं. समझा जा रहा है कि ये मंत्रालय विदेश, शिक्षा, ऊर्जा और राष्ट्रपति कार्यालय होंगे.

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आक्सफोर्ड से पढ़ी लिखी 70 वर्षीय सू की म्यामांर की स्वतंत्रता के नायक रहे नेता की बेटी हैं. सू की के दो बेटों और दिवंगत पति के ब्रिटिश नागरिकता रखने के चलते सैन्य शासन ने संविधान में संशोधन कर उन्हें राष्ट्रपति पद पर आसीन होने से प्रतिबंधित कर दिया था.

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