Azerbaijan के कब्जे के बाद खाली हुआ Nagorno-Karabakh, एक लाख आर्मेनियाई लोग भागे, देखें 10 Photos

आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख (Nagorno-Karabakh) इलाके में जारी खींचतान के बीच अब यहां से हजारों की संख्या में लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया है. यूएन के मुताबिक अब तक यहां से करीब एक लाख से ज्यादा लोग पलायन कर आर्मेनिया जा चुके हैं.

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नागोर्नो-काराबाख से हजारों की तादाद में लोग आर्मेनिया पलायन कर रहे हैं. नागोर्नो-काराबाख से हजारों की तादाद में लोग आर्मेनिया पलायन कर रहे हैं.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 3:16 PM IST

किसी के हाथ में भारी भरकम बैग है, कोई सिर पर बोझ उठाए है. कोई अपने बुजुर्ग माता-पिता को सहारा देकर अपने साथ ले जा रहा है तो कोई अपनों के गले मिलकर फूंट-फूंटकर रो रहा है. ये मंजर है नार्गोनो-कराबाख इलाके का, जिस पर अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. यहां से करीब पिछले एक हफ्ते में एक लाख से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं.

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वैसे तो नागोर्नो-काराबाख आधिकारिक तौर पर अजरबैजान का हिस्सा है, लेकिन यहां कब्जा आर्मीनिया का है. इस इलाके में आर्मीनियाई लोगों की संख्या ज्यादा है. 

इस विवादित हिस्से को लेकर दोनों देशों के बीच छह साल लंबा युद्ध भी चल चुका है, जिसके बाद 1994 में समझौते के साथ युद्ध खत्म हुआ था, लेकिन उसके बाद फिर से अब दोनों देश एक-दूसरे को खत्म करने पर तुले हुए हैं. 

नार्गोनो-काराबाख पर लगातार जारी अजरबैजान के हमले ने एक बड़ी आबादी को पलायन के लिए मजबूर कर दिया है. पिछले एक महीने से हो रहे अजरबैजान के अटैक के बाद रविवार को संयुक्त राष्ट्र का एक मिशन नागोर्नो-काराबाख पहुंचा. 

मिशन में शामिल UN की टीम ने बताया कि यहां से बड़ी तादाद में अर्मेनियाई मूल के लोग अर्मेनिया की तरफ पलायन कर रहे हैं. UN का कहना है कि पिछले 30 सालों में इस इलाके से इतना बड़ा पलायन नहीं हुआ है.

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इस बीच आर्मेनिया ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (International Court of Justice) से अजरबैजान को नागोर्नो-काराबाख में नागरिक क्षेत्र से अपने सैनिकों को हटाने की अपील की है. आर्मेनिया ने यह भी कहा है कि इस इलाके में संयुक्त राष्ट्र को पहुंच दी जाए.

बता दें कि इंटरनेशनल कोर्ट फरवरी में अजरबैजान को उस क्षेत्र में मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने का आदेश दे चुका है. इसे लाचिन कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है.

रूसी समाचार एजेंसी ने रविवार देर रात अर्मेनियाई सरकार के हवाले से कहा कि नागोर्नो-काराबाख से आर्मेनिया में स्थानांतरित होने के इच्छुक लोगों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया खत्म हो रही है. 


रविवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि नागोर्नो-काराबाख से एक लाख से ज्यादा अर्मेनियाई लोगों ने एक सप्ताह से भी कम समय में सफर किया है.

यूरोप के लिए WHO के क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक ने अपने बयान में कहा कि हमने अपनी आपातकालीन प्रणालियों को सक्रिय कर दिया है. जरूरतों के बारे में पता करने के बाद लोगों के मानसिक स्वास्थ्य, पानी की व्यवस्था, आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विशेषज्ञों को भेजा जाएगा. 

WHO के अधिकारी ने कहा कि वास्तव में चुनौतियां बहुत बड़ी हैं, हम वह सब कुछ करने के लिए तैयार हैं, जो हम कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि इतनी बड़ी तादाद में अर्मेनियाई परिवारों ने पलायन ईंधन डिपो में विस्फोट के बाद किया, जिसमें 170 से ज्यादा लोग मारे गए.

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