मिनियापोलिस में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा एक चश्मदीद का वीडियो सामने आया है. इस घटना में 37 साल की रेनी निकोल गुड की एक इमिग्रेशन अधिकारी की गोली लगने से मौत हो गई थी. वीडियो में दिख रहा है कि दो इमिग्रेशन अधिकारी पहले महिला की कार के पास पहुंचे और उनमें से एक ने कार का दरवाजा खींचने की कोशिश की. जब महिला ने कार नहीं रोकी और आगे बढ़ती रही, तो दूसरे इमिग्रेशन अधिकारी ने अपनी बंदूक निकालकर फायरिंग शुरू कर दी. इसी गोलीबारी में महिला की मौत हो गई.
यह घटना भारतीय समयानुसार बीती रात मिनियापोलिस के डाउनटाउन से दक्षिण में एक रिहायशी इलाके में हुई. यह इलाका शहर के कुछ सबसे पुराने प्रवासी बाजारों से कुछ ही ब्लॉक की दूरी पर है. यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की ताजा इमिग्रेशन सख्ती के तहत की जा रही थी. दिलचस्प बात यह है कि यह जगह जॉर्ज फ्लॉयड कांड की जगह से कुछ मील की दूरी पर ही है, जिससे इस घटना की तुलना उस मामले से की जा रही है.
अधिकारियों के खिलाफ पूरे राज्य में प्रदर्शन
इस गोलीकांड के बाद पूरे राज्य में भारी विरोध शुरू हो गया है. कई शहरों में प्रदर्शन हुए. घटना स्थल के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और स्थानीय व संघीय अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया. प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, सीटी बजाई और पुलिस टेप के पीछे खड़े अधिकारियों पर नाराजगी जताई. यह नजारा लॉस एंजेलिस और शिकागो जैसे शहरों में हुए पहले के इमिग्रेशन विरोध प्रदर्शनों की याद दिला रहा था. प्रदर्शनकारी 'शर्म करो, शर्म करो' और 'मिनेसोटा से आईसीई को बाहर करो' जैसे नारे लगाते दिखे.
ट्रंप ने इमिग्रेशन अधिकारी का बचाव किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस गोलीकांड में शामिल इमिग्रेशन अधिकारी का बचाव किया. उन्होंने दावा किया कि महिला ने जानबूझकर एजेंट्स को निशाना बनाया था. एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए ट्रंप ने कहा कि ड्राइवर ने अधिकारी को जानबूझकर और हिंसक तरीके से कुचलने की कोशिश की, जिसके बाद अधिकारी ने सेल्फ डिफेंस में गोली चलाई.
ट्रंप ने कहा कि पूरी घटना को देखना बेहद डरावना है. उन्होंने दावा किया कि वीडियो के आधार पर यह विश्वास करना मुश्किल है कि अधिकारी जीवित बच पाया, लेकिन वह अब अस्पताल में भर्ती है और ठीक हो रहा है.
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