पाकिस्तान की वित्तीय राजधानी कराची एक बार फिर मातम में डूब गई है. एक शॉपिंग प्लाजा में लगी भीषण आग ने 61 जिंदगियों को निगल लिया है. बुधवार को इमारत के मेजेनाइन फ्लोर पर मौजूद एक ही दुकान से 30 शवों का बरामद होना इस त्रासदी की भयावहता को और गहरा कर गया.
17 जनवरी की रात सदर इलाके में स्थित गुल शॉपिंग प्लाजा, जो थोक और खुदरा कारोबार का बड़ा केंद्र है, उसके तहखाने में आग भड़की. चंद ही पलों में लपटें पूरी इमारत में फैल गईं. आग पर काबू पाने में दमकल कर्मियों को करीब 36 घंटे तक जूझना पड़ा.
कराची दक्षिण के उप महानिरीक्षक असद रजा ने बताया कि मेजेनाइन फ्लोर पर स्थित 'दुबई क्रॉकरी' नामक एक दुकान से 30 शव बरामद किए गए हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है.
उन्होंने कहा कि दिन में पहले बचाव कर्मियों ने तीन और शव बरामद किए थे, जिससे मृतकों की संख्या 28 से बढ़कर 31 हो गई.
रेजा ने कहा कि शवों के साथ मिले मोबाइल फोन से यह भी पता चला कि वे शनिवार रात से ही मेजेनाइन फ्लोर पर मौजूद थे.
उन्होंने कहा कि दुकान से शवों को निकालने के दौरान मलबे को हटाने और अन्य मंजिलों पर तलाशी अभियान रोक दिया गया था.
सिंध पुलिस की सर्जन डॉ. सुम्मैया सैयद ने पुष्टि की कि उन्हें घटनास्थल से अब तक 21 शव प्राप्त हुए हैं, और उनमें से अधिकांश बुरी तरह जल चुके हैं और उनकी पहचान करना नामुमकिन सा है.
मृतकों की संख्या 100 के पार जाने की आशंका
अधिकारियों को आशंका है कि घटनास्थल पर तलाशी अभियान जारी रहने के कारण मृतकों की संख्या 100 या उससे अधिक तक पहुंच सकती है.
इससे पहले, सरकार ने 10 से 69 वर्ष की आयु के बीच की महिलाओं, बच्चों और वयस्क पुरुषों सहित 73 लापता लोगों की सूची जारी की थी. कम से कम 16 लड़के जिनकी उम्र 10 से 18 साल के बीच है, या तो दुकानों में काम कर रहे थे या खरीदारी करने के लिए वहां आए थे.
कराची के मेयर मुर्तजा वहाब ने कहा कि प्रभावित परिवारों से जानकारी और प्लाजा में दुकान मालिकों और उनके कर्मचारियों के रिकॉर्ड एकत्र करने के बाद यह लिस्ट तैयार की गई थी.
इमारत की स्थिति के बारे में और भी तथ्य सामने आए, वरिष्ठ वकील आबिद मतीन ने पुष्टि की कि आग में नष्ट हुई इमारत की संरचना की सुरक्षा उपायों और स्थिति को लेकर अदालतों में कम से कम तीन मामले लंबित थे.
कराची महानगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी हुमायूं खान के अनुसार, लापता व्यक्तियों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान पूरा होने में 10-15 दिन और लग सकते हैं.
सिंध के राज्यपाल कामरान टेसोरी ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि सभी दुकानदारों को मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि सरकार ने इमारत के पुनर्निर्माण के लिए बिल्डरों से बातचीत शुरू कर दी है.
टेसोरी ने कहा, 'यह एक राष्ट्रीय त्रासदी है, और हम उन लोगों को अकेला नहीं छोड़ेंगे जिन्होंने अपने प्रियजनों या अपने व्यवसाय को खो दिया है.'
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