कश्मीर पर इस्लामिक देशों के संगठन OIC की टिप्पणी, भारत ने दिया ये जवाब

अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा इस्लामिक देशों का संगठन इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कॉऑपरेशन (OIC) को भारत ने आड़े हाथों लिया है. जम्मू-कश्मीर पर ओआईसी के अनुचित संदर्भों वाली टिप्पणी पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का हिस्सा था, है और रहेगा.

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ओआईसी के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा (फोटो-रॉयटर्स) ओआईसी के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा (फोटो-रॉयटर्स)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST

इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी की ओर से कश्मीर पर की गई विवादित टिप्पणी पर मानवाधिकार परिषद के एक सत्र में भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा. 

इससे पहले दिसंबर 2022 में भी ओआईसी की भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश पर विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. विदेश मंत्रालय ने ओआईसी को नसीहत देते हुए कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और इसमें किसी भी अन्य देश के हस्तक्षेप को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. 

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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का हिस्सा

जेनेवा में मानवाधिकार परिषद के 52 वें सत्र में जवाब देते हुए भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव सीमा पूजानी ने कहा, "केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर पर ओआईसी के अनुचित संदर्भों वाली टिप्पणी को हम खारिज करते हैं."

सीमा पूजानी ने कहा, "सच्चाई यह है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का हिस्सा था, है और रहेगा.  पाकिस्तान भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रहा है."

OIC पाकिस्तान का मुखौटा

मानवाधिकार परिषद के सत्र में पूजानी ने कहा कि ओआईसी अपने सदस्य देश पाकिस्तान को आतंकवाद को छोड़ने और भारतीय क्षेत्र से अपना अवैध कब्जा हटाने के बजाय उसके दुर्भावनापूर्ण प्रचार में शामिल है. उन्होंने कहा कि ओआईसी पाकिस्तान का प्यादा बन चुका है और उसे भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार और अपने नापाक एजेंडे को पूरा करने के लिए अपना मंच सौंप दिया है. 

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ओआईसी अपनी विश्वसनीयता खो चुका

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दिसंबर 2022 में  कहा था कि इस्लामिक देशों का संगठन (ओआईसी) पहले ही घोर सांप्रदायिक, पक्षपातपूर्ण और तथ्यात्मक रूप से गलत स्टैंड लेकर अपनी विश्वसनीयता खो चुका है. 

उन्होंने कहा था कि ये दुर्भाग्य की बात है कि ओआईसी का महासचिव भी अब पाकिस्तान का प्यादा बन चुका है.

भारत के खिलाफ उगलता रहता है जहर

इस्लामिक देशों का संगठन ओआईसी भारत के खिलाफ लगातार जहर उगलता रहता है.ओआईसी के महासचिव हिसेन ब्राहिम ताहा ने पीओके दौरे के दौरान दिसंबर 2022 में कहा था, "कश्मीर विवाद को सुलझाने के लिए आईओसी बातचीत का एक खाका तैयार कर रहा है. कश्मीर मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जरूरी है. इसके लिए हम पाकिस्तान और अन्य देशों के साथ मिलकर एक योजना बना रहे हैं."

इसके अलावा अक्टूबर 2022 में भी ओआईसी ने बयान जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल करने की मांग की थी. 

क्या है इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कॉऑपरेशन

ओआईसी का पूरा नाम इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ कॉऑपरेशन है. यह 57 मुस्लिम बहुल देशों का संगठन है. ऐसा माना जाता है कि इस संगठन में सऊदी अरब और सहयोगी देशों का दबदबा है. ओआईसी का हेडक्वार्टर भी सऊदी अरब के जेद्दाह शहर में स्थित है. इस संगठन में सिर्फ इस्लामिक कंट्री ही शामिल हो सकते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सद्भाव बनाते हुए मुसलमानों की सुरक्षा करना है.

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