सरकारी प्रवक्ता से प्रधानमंत्री तक... जानें कौन हैं फ्रांस के पहले Gay पीएम गेब्रियल अटल

गेब्रियल फ्रांस के सबसे कम उम्र और पहले गे प्रधानमंत्री बन गए हैं. 2022 में सबसे कम उम्र के मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले गेब्रियल अब तक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. मंगलवार को उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का फैसला लिया गया. सोमवार को इमिग्रेशन के मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ने की वजह से एलिजाबेथ ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

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गेब्रियल अटल फ्रांस के नए प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए हैं गेब्रियल अटल फ्रांस के नए प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए हैं

aajtak.in

  • पेरिस,
  • 09 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST

34 वर्षीय गेब्रियल अटल फ्रांस के नए प्रधानमंत्री बनाए गए हैं. इमैनुएल मैक्रों ने इस साल होने वाले ससंदीय चुनाव से पहले ये बड़ा फेरबदल किया है. गेब्रियल फ्रांस के सबसे कम उम्र और पहले गे प्रधानमंत्री बन गए हैं. 2022 में सबसे कम उम्र के मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले गेब्रियल अब तक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. मंगलवार को उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का फैसला लिया गया. 

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दरअसल, इमिग्रेशन के मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ने की वजह से एलिजाबेथ ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद इस पद की दौड़ में गेब्रियल के अलावा कई नाम शामिल थे. हालांकि मंगलवार को राष्ट्रपति मैक्रों की तरफ से गेब्रियल के नाम का औपचारिक ऐलान कर दिया गया और वह फ्रांस के नए प्रधानमंत्री बन गए.

गेब्रियल अटल के बारे में पांच पॉइंट में जानें-

- 34 साल की उम्र में गेब्रियल अटल आधुनिक फ्रांस के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री हैं. यह रिकॉर्ड पहले वामपंथी लॉरेंट फैबियस के नाम था, जो 37 साल की उम्र में प्रधानमंत्री बने थे. उन्हें 1984 में फ्रेंकोइस मिटर्रैंड द्वारा प्रधानमंत्री नामित किया गया था.

- अटल फ्रांस के पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं. उनके बारे में 2018 में एक पुराने स्कूल सहयोगी ने ये जानकारी उस समय सार्वजिनक कर दी थी, जब मैक्रों के पहले जनादेश के दौरान उन्हें एक जूनियर मंत्री नामित किया गया था. उस समय, अटल मैक्रों के पूर्व राजनीतिक सलाहकार स्टीफन सेजॉर्न के साथ रिलेशनशिप में थे.

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- अटल जब 17 वर्ष के थे तब सोशलिस्ट पार्टी में शामिल हो गए थे. महामारी के दौरान सरकारी प्रवक्ता नामित किए जाने के बाद वह फ्रांसीसी राजनीति में एक चर्चित चेहरे बन गए थे. बाद में उन्हें वित्त मंत्रालय में कनिष्ठ मंत्री और फिर 2023 में शिक्षा मंत्री के रूप में नामित किया गया. इसके बाद उन्होंने मैक्रों की कैबिनेट में एक अलग पहचान बनाई.

- पिछले साल शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्ति के बाद अटल का पहला कदम राज्य के स्कूलों में मुस्लिम अबाया पोशाक पर बैन लगाना था, जिससे वामपंथी होने के बावजूद कई रूढ़िवादी मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता में वृद्धि हुई. उनके इस फैसले ने काफी सुर्खियां बटौरी थीं.

- अटल हाल ही में एक फेमस टीवी शो में शामिल हुए थे. यहां उन्होंने बताया था कि कैसे उन्हें मिडिल स्कूल के दौरान एक पूर्व सहपाठी द्वारा परेशान किया गया था. इसके बारे में उन्होंने कहा था कि इंटरनेट क्रांति के शुरुआती दिनों के दौरान एक ब्लॉग के जरिए उनके बारे में काफी कुछ शेयर किया गया, जिससे उन्हें शर्मिंदा होना पड़ा था.

राष्ट्रपति चुनाव से पहले मैक्रों का बड़ा फैसला

फ्रांसीसी मीडिया मुताबिक मैक्रों यूरोपीय संसद चुनावों से पहले अपने दूसरे जनादेश में नई जान फूंकना चाहते हैं. इसके चलते एलिजाबेथ को हटाकर नए प्रधानमंत्री चेहरे को मौका दिया गया है. दरअसल, मैक्रों के एक बार फिर फ्रांस का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद मई 2022 में एलिजाबेथ को देश का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था. वह लगभग दो साल तक इस पद पर थीं. इस पद पर पहुंचने वाली वह फ्रांस की दूसरी महिला प्रधानमंत्री थीं. लेकिन  इमिग्रेशन के मुद्दे पर उनके फैसलों के चलते राजनीतिक तनाव बढ़ने लगा और इसलिए उन्हें इस्तीफा देना पड़ा.

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