चुनाव आते ही बांग्लादेश की पार्टियों को सताने लगी हिंदुओं की चिंता, वोट बैंक साधने में लगे सभी दल

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लगातार हो रही हत्याओं, मॉब लिंचिंग और हिंसा के बीच आम चुनाव से पहले हिंदू वोट बैंक सियासत के केंद्र में आ गया है. बीएनपी के महासचिव मिर्जा फकरूल इस्लाम आलमगीर ने चुनावी रैली में हिंदू समुदाय को भरोसा दिलाया कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और किसी को डरने की जरूरत नहीं है.

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बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में हिंदू अल्पसंख्यक वोटरों की महत्वपूर्ण भूमिका है. (File Photo: ITG) बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में हिंदू अल्पसंख्यक वोटरों की महत्वपूर्ण भूमिका है. (File Photo: ITG)

आशुतोष मिश्रा

  • ढाका,
  • 25 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:54 PM IST

बांग्लादेश में एक के बाद एक कई हिंदुओं की हत्या, मॉब लिंचिग और हिंसा की अन्य घटनाओं के बीच हिंदू वोट बैंक को लेकर सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो रहे हैं. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के महासचिव मिर्जा फकरूल इस्लाम आलमगीर ने चुनावी रैली से यह संदेश दिया है कि हिंदुओं को अब किसी भी तरह के डर में रहने की जरूरत नहीं है. 

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शनिवार देर शाम ठाकुरगांव सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान बीएनपी के जनरल सेक्रेटरी मिर्जा आलमगीर ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह बांग्लादेश के हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे ताकि देश में शांति बहाली रहे. मिर्जा आलमगीर ने कहा कि बीएनपी हमेशा हिंदू समुदाय के साथ खड़ी रही है और उन्हें किसी भी तरह की चिंता या डर में रहने की जरूरत नहीं है. 

12 फरवरी को होगा मतदान

उन्होंने हिंदू समुदाय से यह भी कहा कि वो इस बात की फिक्र न करें कि अगर हिंदुओं ने किसी और को वोट दिया तो उन्हें नुकसान पहुंचाया जाएगा. बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने अपनी पहली सभा में भी बांग्लादेश के सभी समुदायों को साथ लेकर चलने की बात कही थी. बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव के लिए मतदान होने वाला है. इस चुनाव में बांग्लादेश के ढाई करोड़ हिंदू अल्पसंख्यक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. 

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80 हिंदू अल्पसंख्यकों ने भरा नामांकन पत्र

इस चुनाव में कुल 80 हिंदू अल्पसंख्यकों ने नामांकन पत्र भरे थे जिसमें चुनाव आयोग ने पांच उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दिए जबकि तीन ने अपने नामांकन वापस ले लिए. बांग्लादेश कम्युनिस्ट पार्टी ने सबसे ज्यादा 17 अल्पसंख्यक हिंदू उम्मीदवारों को टिकट दिया है. इस चुनाव में हिंदू वोट बैंक कितना महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फिलहाल बांग्लादेश में मौजूद सभी पार्टियों में से बीएनपी सबसे बड़ा दल है जिसने हिंदू उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है.

जमात-ए-इस्लामी ने भी उतारा हिंदू उम्मीदवार

इतना ही नहीं, बांग्लादेश में जो पहले कभी नहीं हुआ वो भी इस चुनाव में देखने को मिल रहा है. कट्टर इस्लामिक राजनीतिक संगठन जमात-ए-इस्लामी ने भी हिन्दू अल्पसंख्यक समुदाय से कृष्णा नंदी को खुलना 1 सीट से उम्मीदवार बनाया है. खुलना में ऐसे कई सारे उप जिले हैं जहां अल्पसंख्यक हिंदू मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं. चाहे वो भाटियाघाटा हो या डाकोप या चाकू नगर का इलाका, जहां हिंदू मतदाता बड़ी संख्या में हैं.

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