बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, पहले चाकुओं से गोद डाला फिर ऑटो लूटकर फरार

बांग्लादेश पुलिस को दो दिन पहले एक हिंदू युवक का शव मिला था. इसके बाद से पुलिस जांच में जुट गई है. 12 दिसंबर 2025 को ढाका में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से हालात खराब है.

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बांग्लादेश हिंदू युवक की हत्या (Photo: ITG) बांग्लादेश हिंदू युवक की हत्या (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:22 AM IST

पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे. खबर है कि बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या कर दी गई है. बांग्लादेश में बीते 42 दिनों में 13 हिंदुओं की हत्या कर दी गई है.

यह घटना बांग्लादेश के चटगांव के डागनभुइयां में 11 जनवरी की रात की है. 28 साल के हिंदू युवक समीर दास पर हमलावरों ने चाकू से हमला किया. समीर पेश से ऑटो चालक था. समीर की हत्या के बाद हत्यारे उसका ऑटो भी चुराकर मौके से फरार हो गए.

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एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि देशी कट्टे से समीर की हत्या की गई. समीर का शव उपजिला अस्पताल के पास से बरामद किया गया. प्रथम दृष्टया लगता है कि यह सुनियोजित हत्या है. हत्यारों ने हत्या के बाद ऑटो भी लूट लिया. पीड़ित परिवार मामले में एफआईआर दर्ज कराएगी. हमने हमलावरों की शिनाख्त के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है. 

बता दें कि बांग्लादेश में बीते 25 दिन में कई हिंदू युवकों की हत्या हो चुकी है. 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई थी. मयमसिंह जिले के भालुका इलाके में कट्टरपंथियों की भीड़ ने दीपू की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इसके छह दिन बाद 25 दिसंबर को एक और हिंदू युवक अमृत मंडल की भी हत्या कर दी गई थी. 

बता दें कि 17 करोड़ की आबादी वाले मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में 2024 से ही हालात लगातार खराब हैं. इस बीच इस्लामिक कट्टरपंथियों के उभार से हिंदू सहित अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं. धार्मिक भेदभाव के खिलाफ काम करने वाले मानवाधिकार संगठन बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई यूनिटी काउंसिल ने देशभर में अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है.

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संगठन के अनुसार, जैसे-जैसे फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सांप्रदायिक हिंसा लगातार बढ़ रही है. भारत ने भी मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हमले की कड़ी आलोचना की है. वहीं, बांग्लादेश के अंतरिम नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने भारत पर हिंसा के स्तर को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया है.

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