डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल सितंबर में कहा था, 'जब मैं जीतूंगा, तो धोखा देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और उन पर मुकदमा चलाया जाएगा, जिसमें लंबी अवधि की जेल की सजा भी शामिल होगी.' ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ में अपनी प्रतिद्वंद्वी कमला हैरिस को पीछे छोड़ दिया है. अब वह दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. अब सवाल यह है: क्या ट्रंप, जो हर उस व्यक्ति को धमकी देने से नहीं कतराते हैं जिसे वह अपना दुश्मन मानते हैं, उनसे बदला लेंगे?
अपने पूरे चुनीवी अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप, अपने विरोधियों से हिसाब-किताब बराबर करने की चेतावनी देते रहे. राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का नाम लेकर उन्हें अपना दुश्मन बताया. अब जब उन्होंने राष्ट्रपति पद हासिल कर लिया है, तो पूर्व अधिकारी, राजनीतिक विश्लेषक और अन्य ऐसे लोग जो उनका खुलकर विरोध कर रहे थे, वे आगे क्या हो सकता है इसकी तैयारी कर रहे हैं. ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी कि उनके दूसरे कार्यकाल का मतलब उन लोगों के हिसाब-किताब होगा जो उनके एजेंडे में बाधा डालने की कोशिश और उनके नेतृत्व की आलोचना करते रहें हैं.
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ट्रंप देते रहे हैं विरोधियों से हिसाब बराबर करने की धमकी
नेशनल पब्लिक रेडिया (अमेरिका की सार्वजनिक प्रसारण सेवा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने 2022 में अपना चुनावी अभियान शुरू करने के बाद से अपने विरोधियों पर मुकदमा चलाने या उन्हें दंडित करने की 100 से अधिक धमकियां दीं. रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी, 2023 से 1 अप्रैल, 2024 के बीच, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल (ट्रंप का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) पर कम से कम 25 बार राष्ट्रपति जो बाइडेन पर मुकदमा चलाने और कानून कार्रवाई की धमकी दी.
पॉडकास्ट होस्ट जो रोगन के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, 'हमें किम जोंग-उन जैसों की तुलना में देश के अंदर बैठे दुश्मनों से कहीं अधिक खतरा है.' उनका निशाना डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष नेताओं और अपने कुछ पूर्व सहयोगियों पर था, जिन्हें वह भीतरी दुश्मन कहकर संबोधित कर रहे थे और किसी भी विदेशी दुश्मन से कहीं अधिक खतरनाक बता रहे थे. उन्होंने नैंसी पेलोसी और एडम शिफ जैसे हाई-प्रोफाइल डेमोक्रेट्स को चीन या रूस से भी अधिक खतरनाक बताया और कहा कि वह अपने आलोचकों से निपटने के लिए सेना का उपयोग करने से नहीं हिचकिचाएंगे.
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ट्रंप ने की थी कमला हैरिस पर महाभियोग चलाने की मांग
ट्रंप ने यह भी कहा था कि कमला हैरिस पर महाभियोग चलाया जाना चाहिए और उन्हें कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए. उन्होंने पत्रकारों को भी नहीं बख्शा. 2022 में, ट्रंप ने उन पत्रकारों को जेल में डालने की बात कही थी, जो खबरें लीक करने वालों की पहचान का खुलासा नहीं करते हैं. उन्होंने कहा था, 'अगर रिपोर्टर आपको लीकर्स के नाम नहीं बताना चाहता, तो उसे जेल में होना चाहिए.'
डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही अपने प्रतिद्वंद्वियों, अधिकारियों, पत्रकारों को राष्ट्रपति बनने के बाद हिसाब-किताब बराबर करने की चेतावनी दी हो, लेकिन ऐसा करने के दौरान उन्हें कई स्तरों पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा. उनके ऐसा करने में कानूनी और प्रक्रियात्मक बाधाएं सामने आएंगी. उदाहरण के लिए, जबकि ट्रंप अपने वफादारों को सरकार और प्रशासन में प्रमुख भूमिकाएं सौंप सकते हैं, लेकिन न्याय विभाग और न्यायिक प्रणाली फिर भी विभिन्न आंतरिक जांचों के साथ काम कर करेगी.
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डोनाल्ड ट्रंप के लिए आसान नहीं होगी बदले की कार्रवाई
ग्रैंड जूरी, फेडरल जजों और वकीलों को किसी भी आरोप की जांच, मूल्यांकन और सत्यापन करने का अधिकार होगा, जो तथ्यों के बिना सिर्फ राजनीतिक विरोधियों को टारगेट करने के लिए लगाए गए हों. इसके अलावा राजनीतिक उद्देश्यों के लिए संघीय एजेंसियों को हथियार बनाने के कदम को नौकरशाहों और व्हिसलब्लोअर्स के प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है. इसके खिलाफ अधिकरी सामूहिक इस्तीफा देने जैसा कदम भी उठा सकते हैं. क्या ट्रंप अपने विरोधियों से हिसाब-किताब बराबर करेंगे या उनकी बातें सिर्फ राजनीतिक हवाबाजी साबित होंगे? यह केवल समय बताएगा.
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