अपनी बेटी के लिए 300 रुपये में घिसी हुई टायर वाली एक साइकिल खरीदने के लिए सालभर पैसे जमा करने वाला एक रिक्शा चालक अपने बैंक खाते में अचानक तीन अरब रुपये (पाकिस्तानी मुद्रा) जमा देखकर दंग रह गया. वह अपने इस खाते का इस्तेमाल भी नहीं कर रहा था. यह घटना पिछले साल की है. (फोटो: प्रतीकात्मक)
धन शोधन (मनी लाउंड्रिंग) गतिविधियों का शिकार बने मोहम्मद रशीद नाम के 43 वर्षीय रिक्शा चालक ने बताया, 'मैं यह सब देख कर पसीने से तर-बतर हो गया और थर-थर कांपने लगा.' गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने धन शोधन की गतिविधियों पर रोक लगाने का संकल्प लिया है. (फोटो: Getty)
रशीद को जब संघीय जांच एजेंसी से एक फोन कॉल आया तब उसने छिपने की सोची, लेकिन दोस्तों और परिवार के सदस्यों के समझाने बुझाने पर वह अधिकारियों के साथ सहयोग करने को तैयार हो गया. सिर्फ उसका ही मामला नहीं, बल्कि हाल के हफ्तों में पाकिस्तानी अखबारों में ऐसी कई घटनाएं प्रकाशित हुई हैं. (फोटो: प्रतीकात्मक)
इस तरह की घटनाओं के तहत किसी गरीब व्यक्ति के काफी समय से इस्तेमाल नहीं किए गए खाते में काफी रकम आ जाती है और अचानक ही यह हस्तांतरित भी हो जाती है. इस तरह, करोड़ों डॉलर देश से बाहर चला जाता है. (फोटो: Getty)
रशीद इस मामले में आखिरकार दोषमुक्त हो गया. लेकिन उसकी बेचैनी बरकरार है. उन्होंने बताया, 'मैंने अपना किराये का रिक्शा कुछ दिनों तक सड़कों पर चलाना बंद कर दिया, क्योंकि मुझे डर था कि कुछ अन्य जांच एजेंसियां मुझे उठा सकती हैं.' (फोटो: प्रतीकात्मक)
रशीद ने बताया कि तनाव के चलते उनकी पत्नी बीमार पड़ गई. दरअसल, चंद पलों के लिए बेशुमार दौलत पाने के कुछ ही हफ्ते पहले उन्होंने अपनी बेटी के लिए 300 रुपये में घिसी हुई टायर वाली एक साइकिल खरीदी थी. (फोटो: प्रतीकात्मक)
पाकिस्तान की खस्ताहाल होती अर्थव्यवस्था के मद्देनजर नव निर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश से बाहर भेजे गए अरबों डॉलर वापस लाने को संकल्प लिया है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'यह आपसे चुराया हुआ धन है. मैं इस देश में किसी भी भ्रष्ट व्यक्ति को नहीं छोड़ूंगा.' (फोटो: फाइल)