चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की मुलाकात ने पूरी दुनिया को चौंका कर रख दिया है. नॉर्थ कोरिया की सत्ता संभालने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब किम अपने देश से बाहर निकला हो. किम जोंग उन ने नॉर्थ कोरिया से चीन तक का सफर एक सीक्रेट ट्रेन में किया. (फोटो - किम जोंग उन)
ये ट्रेन काफी स्पेशल है, क्योंकि इसी ट्रेन में किम के पिता किम जोंग इल भी चीन आए थे. (फोटो- किम जोंग उन, शी जिनपिंग)
सुरक्षा के लिहाज से ये ट्रेन काफी सुरक्षित है. किम की ट्रेन जैसे ही बीजिंग के रेलवे स्टेशन पर पहुंची. (फोटो- किम जोंग उन, शी जिनपिंग अपनी पत्नियों के साथ)
एकाएक यहां हलचल तेज़ हो गईं, स्टेशन के बाहर की
सड़कों को खाली करा लिया गया, मोटरसाइकिलों पर सवार चीन के जवान स्टेशन के
इर्द-इर्द मंडरा रहे थे. (फोटो- दोनों देशों के बीच हुई बैठक)
इसके बाद हरे रंग की पीली धारी वाली बख्तरबंद ट्रेन
नज़र आती है और चीनी के अधिकारी बेहद ही खुफिया तरीके से इस बख्तरबंद ट्रेन
से किसी को लेकर रवाना हो जाते हैं. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच चीन पहुंचा किम जोंग उन)
इस ट्रेन में और कोई नहीं दुनिया का सबसे खतरनाक तानाशाह किम जोंग उन था.
( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच चीन पहुंचा किम जोंग उन)
जापान के निपोन न्यूज़ नेटवर्क के फुटेज में दिखी
पीली धारियों वाली ट्रेन बीजिंग पहुंची. ये ट्रेन दिखने में ठीक वैसी ही
थी, जैसी ट्रेन में किम के पिता किम जोंग इल साल 2011 में चीन यात्रा पर गए
थे. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच चीन पहुंचा किम जोंग उन)
बीजिंग के बाहर एक दुकान के मैनेजर बताया कि सोमवार शाम मैंने एक 'असामान्य' नज़ारा देखा. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
बाहर सड़क पर स्टेशन के सामने बहुत सारे पुलिस अफसर थे, स्टेशन को अंदर से
बंद कर दिया गया था. बीजिंग के थ्येनआनमन स्क्वायर से भी टूरिस्टों को हटा
दिया गया था. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
उत्तर कोरिया के शहर प्योंगयांग से किम जोंग उन 21
बोगियों वाली स्पेशल ट्रेन से बीजिंग के लिए रवाना हुए थे. प्योंगयांग से
चीन का पहला रेलवे स्टेशन डांगडोंग पड़ता है. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
और डांगडोंग से बीजिंग की दूरी 1100 किलोमीटर है.
जिसे तय करने में करीब 12 घंटे का वक्त लगता है. डांगडोंग के निवासियों के
मुताबिक रविवार को यहां से एक स्पेशल ट्रेन गुजरी थी.
( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
हरे रंग की उस ट्रेन में पीले रंग की धारियां थी, 21 बोगियों वाली इस ट्रेन में जबरदस्त सुरक्षा इंतजाम था. कहा जा रहा है कि इसी ट्रेन की एक बोगी में किम जोंग उन सवार थे. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
ये ट्रेन सोमवार यानी 26 मार्च की दोपहर बीजिंग पहुंची थी, बीजिंग के चंगन एवेन्यू पर सोमवार की दोपहर से शाम तक
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. बीजिंग के थ्येनआनमन स्क्वायर को भी टूरिस्टों से खाली करा लिया गया था, अमूमन यहां ऐसा तभी होता है जब कोई वीवीआईपी मेहमान चीन आता है और उसके साथ ग्रेट हॉल में कोई अहम बैठक होती है. ग्रेट हॉल के बाहर भी सुरक्षा बेहद कड़ी थी.
( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
चश्मदीदों के मुताबिक बीजिंग में दायुताई गेस्ट हाउस में एक बड़ी सी काले शीशों वाली लीमोजीन कार, मोटर बाइक पर सवार पुलिस एस्कॉर्ट के बीच पहुंची. खबर है कि उसी लीमोजीन कार में किम जोंग उन सवार थे.
( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
जब किम जोन उन के पिता किम जोंग इल अपनी निजी ट्रेन से ही चीन और रूस की यात्रा करते थे. सूत्रों की मानें तो किम जोंग इल विमान से विदेश यात्रा इसलिए नहीं करते थे क्योंकि उन्हें सुरक्षा का खतरा होता था. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
हालांकि किम जोंग उन ने स्विट्जरलैंड से पढ़ाई की है और कई बार प्लेन में बैठी उनकी तस्वीरें मीडिया में भी आई हैं. लेकिन साल 2011 में पिता के निधन के बाद सत्ता संभालने के वक्त से वो देश से बाहर नहीं गए हैं. ये यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होनेवाली उनकी मुलाकात से पहले की तैयारी मानी जा रही है. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
किम जोंग उन ने जिस ट्रेन से सफर किया है वो स्टील्थ तकनीक से लैस है.
स्टील्थ तकनीक के चलते ये ट्रेन सैटेलाइट की नजरों में भी नहीं आता. इस
ट्रेन में मोबाइल अस्पताल, बॉम्ब स्क्वायड और रडार जैमिंग जैसी सुविधाएं
है. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
ये ट्रेन पूरी तरह से बुलेटप्रूफ है. इसमें कॉन्फ्रेंस रूम, ऑडियंस चैंबर और बेडरूम बने हुए हैं. सैटेलाइट फोन कनेक्शन के साथ ही फ्लैट स्क्रीन टीवी लगा है. ताकि यात्रा के दौरान किम को हर जानकारी दी जा सके और किम अधिकारियों को आदेश दे सके. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)
कहते हैं कि इस ट्रेन को स्टालिन ने किम जोंग द्वितीय को गिफ्ट में दिय़ा था. जिसे बाद में इसे मॉडिफाई किया गया. और एक ऐसी ट्रेन की शक्ल दे दी गई. जिसका दुश्मन कुछ बिगाड़ नहीं सकता. अंदर बैठा व्यक्ति ना बाहर देख सकता है. ना बाहर खड़ा इंसान अंदर कुछ देख पाता है. और सफर बिल्कुल सीक्रेट रहता है. ( फोटो- कड़ी सुरक्षा के बीच काली कार में चीन पहुंचा किम जोंग उन)