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पाकिस्तान की 'कैद' से 35 साल बाद आजाद हुआ कावन हाथी, अब इस देश में पहुंचा

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कावन हाथी एक बार फिर सुर्खियों में है. रविवार को कावन को पाकिस्तान से कंबोडिया के लिए रवाना किया गया. कावन पाकिस्‍तानी क्रूरता से मुक्‍त हुआ और उसे अमेरिका की पॉप स्टार चेर ने मुक्त कराया. यह हाथी पाकिस्तान की कैद से 35 साल बाद छूटा है. (Photos: Reuters & AFP)

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दरअसल, कावन पिछले कई सालों से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक चिड़ियाघर में बहुत ही बुरी हालत में रह रहा था. पाकिस्तान ने इसे छोटी सी जगह पर बदतर हालात में बंद करके रखा गया था. लंबी कोशिश के बाद अब इस हाथी को आजादी मिली है. इसे दुनिया का सबसे अकेला हाथी भी कहा जा रहा है. इस हाथी का नाम कावन है. 

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रायटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कावन अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के चिड़ियाघर से निकलकर कंबोडिया की एक सैंक्चुरी में पहुंच गया है. पाकिस्तान के चिड़ियाघर से कावन हाथी को निकालने के लिए बड़ी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया और फिर हवाई सफर के जरिए इसे कंबोडिया पहुंचाया गया.

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कावन साल 2012 में अपने साथी की मौत के बाद से अकेला रह रहा था. चिड़ियाघर से उसकी रिहाई के लिए पॉप स्टार चेर ने काफी मेहनत की. उन्होंने ही कावन के लिए लीगल फाइट लड़ी और उसको पाकिस्तान से कंबोडिया लाया गया. इस दौरान उसकी कानूनी लड़ाई में लगने वाला खर्च भी पॉप स्टार चेर ने खुद ही उठाया.

 

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पॉप स्टार शेर ने एएफपी न्यूज एजेंसी से बताया कि मैं काफी खुश हूं और मुझे काफी गर्व महसूस हो रहा है कि वह अब यहां आ गया है. उन्होंने कहा कि वह काफी अच्छा जानवर है. 

कंबोडिया के उप-पर्यावरण मंत्री नेथ फेकट्रेट ने कहा कि देश कावन का स्वागत करने के लिए खुश था. उन्होंने कहा कि अब वह दुनिया का सबसे अकेला हाथी नहीं होगा. हम स्थानीय हाथियों के साथ कावन के प्रजनन की उम्मीद करते हैं. यह उसके संरक्षण का एक प्रयास है.

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इससे पहले जानवरों के डॉक्टर ने कावन की तस्वीरें पहली बार बाहर लोगों के सामने लाईं थीं. जिसके बाद कावन के लिए दुनिया भर के पशु प्रेमियों ने आवाज उठाई और उसे चिड़ियाघर से बाहर एक प्राकृतिक आवास में पहुंचाने के लिए अभियान चलाया. इसी अभियान से चेर भी जुड़ गईं थीं. 

जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक्टिविस्ट की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही थी हाथी को बेहतर स्थिति में रखा जाए. पिछले दिनों जानवरों के मुद्दे पर काम करने वाली संस्था Four Paws के प्रवक्ता ने बताया था कि हाथी को ट्रैवल के लिए मेडिकल अप्रूवल मिल गया है. 

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मई में कोर्ट ने Marghazar चिड़ियाघर को बंद करने का आदेश दिया था. इसके बाद चिड़ियाघर से जानवरों को अन्य जगहों पर ले जाने के लिए इस्लामाबाद वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट बोर्ड ने Four Paws संस्था को आमंत्रित किया था.  

एक्सपर्ट का कहना है कि हाथी को पूरी तरह रिकवर होने में वक्त लगेगा. क्योंकि न सिर्फ शारीरिक बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि वह मानसिक दिक्कतों का भी सामना कर रहा है. पाकिस्तान में उसे पर्याप्त खाना भी नहीं मिल पा रहा था.

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