यूपी के बस्ती में पुलिस की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. दरअसल, पुलिस ने जिस लंबे बाल वाले शव को महिला मानकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा वो शव पुरुष का निकला. पोस्टमार्टम के वक्त जब डॉक्टरों ने शव को देखा तो हैरान रह गए. क्योंकि पुलिस द्वारा कागज में शव महिला का बताया गया था. फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है.
दरअसल, तीन दिन पहले पुलिस को एक लावारिस शव मिला था, जो कि बोरे में बंद था. शव के बाल लंबे थे तो पुलिस ने भी जांच करने की जहमत नहीं उठाई. सीधे कागजी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस मान बैठी थी कि ये शव किसी महिला का ही होगा. हालांकि, पहचान के लिए लोगों को बुलाया गया था. लेकिन अब इस प्रकरण में नया ट्विस्ट आया है.
जब डॉक्टरों ने बोरे में भरे शव को पोस्टमार्टम के लिए खोला तो उनके होश उड़ गए क्योंकि पंचनामा तो महिला का शव मिलने का भरा गया था और पोस्टमार्टम में शव पुरुष का निकला. ऐसे में डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से ही मना कर दिया और कहा की पंचनामा बदलकर लाने पर ही पोस्टमार्टम होगा. इस मामले में एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि ऐसी चूक कैसे हुई, इसकी जानकारी ली जा रही है.
बताया जा रहा है कि दुबौलिया थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव के निकट रविवार सुबह सरयू नहर की पुलिया के नीचे झाड़ में फंसे बोरे में एक शव मिला था. तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरी को खोलवाकर देखा तो शव के हाथ-पैर बंधे हुए थे. पानी में रहने के कारण शव काफी फूल गया था और उसमें सड़न होने लगी थी. उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था. पुलिस ने एक नजर देखा और बालों के आधार पर बताया कि शव किसी महिला का है. शरीर पर लाल रंग का कुर्ता और सफेद पायजामा जैसा कपड़ा था.
चूंकि पहचान नहीं हो पा रही थी थी, इसलिए पुलिस ने नियमानुसार 72 घंटे के लिए मुर्दाघर में शव रखवा दिया और सोशल मीडिया से लेकर अन्य तरीकों से पहचान कराने का प्रयास करने लगी. बुधवार को 72 घंटे की समयसीमा समाप्त होने के बाद जब पोस्टमार्टम करने के लिए डॉक्टर ने शव को देखा तो पता चला शव किसी पुरुष का है.
जानकारी के मुताबिक, वह शव किसी बाबा का है. उसके गले में रस्सी थी, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि गला घोंटकर हत्या की गई होगी. फिलहाल, जांच जारी है. पुलिस सुराग की तलाश में है.
संतोष सिंह