उत्तर प्रदेश में गलन ने ज्यादातर जिलों को चपेट में ले लिया है. पहाड़ों से सीधे उतर रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने ठंड का असर और बढ़ा दिया है. आज प्रदेश के 9 शहरों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है. 33 जिलों में कोहरे का असर देखने को मिला है. यहां 13 शहर ऐसे थे जहां विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई.
मौसम विभाग के मुताबिक इटावा सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम पारा 2.6 डिग्री तक गिरा. वहीं, गोरखपुर में न्यूनतम पारा 4.5 डिग्री तो कानपुर नगर में यह 4.6 डिग्री रहा. बाराबंकी में 6.0 डिग्री तो लखनऊ में 7 डिग्री तक पारा गिरा है. लखनऊ में कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए लोग चाय का सहारा ले रहे हैं.
गाजियाबाद में बढ़ी ठंड
गाजियाबाद में आज कोहरे और धुंध से भले ही कुछ राहत देखने को मिली हो, लेकिन ठंड और गलन का असर यहां भी लोगों को परेशान कर रहा है. शहर का न्यूनतम तापमान सुबह करीब 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है. सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं के चलते तापमान में कमी महसूस हो रही है.
शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह के वक्त सड़कों और हाईवे पर चलने वाले वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है. ठंड के चलते आम जनजीवन प्रभावित है और लोग अलाव जलाकर खुद को ठंड से बचाने का प्रयास कर रहे हैं.
बढ़ती ठंड को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों की छुट्टियों को 10 जनवरी तक बढ़ा दिया है. छोटे बच्चों को ठंड और गलन से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है, जिससे अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है.
लोगों का कहना है कि ठंड बेहद ज्यादा है और गलन के कारण सुबह-शाम बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है. लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने और लकड़ियों की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि जरूरतमंदों और राहगीरों को राहत मिल सके.
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