उत्तर प्रदेश के लिए आज का दिन बेहद अहम है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने अपना दसवां लगातार बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए बजट पेश कर दिया है. राज्य के इतिहास में ये अब तक का सबसे बड़ा बजट है. विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है, इसलिए इसमें रोजगार, बुनियादी ढांचा, महिला सशक्तिकरण, किसानों और युवाओं पर बड़ा फोकस देखने को मिला. बजट से पहले सुबह कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों पर मुहर लगी. दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री और 2 बजे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए हमारे लाइव ब्लॉग के साथ...
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी बजट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह विदाई बजट है और इसके साथ ही बीजेपी की विदाई भी तय है. उन्होंने कहा कि यूपी का बजट 9 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जिसे सरकार उपलब्धि बता रही है, जबकि हर साल बजट का आकार बढ़ना सामान्य बात है. असली सवाल यह है कि सरकार खर्च कितना कर पा रही है. उनका आरोप है कि सरकार 50 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर पा रही. कृषि में 57%, पशुधन में 60%, स्वास्थ्य में 58% और बेसिक शिक्षा में 62% ही खर्च हो पाया है.
अखिलेश ने सवाल उठाया कि जब आखिरी बजट पेश हो चुका है तो 90 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी. उनका कहना है कि इस लक्ष्य के लिए 30% ग्रोथ रेट चाहिए, जो संभव नहीं दिखती. उन्होंने कहा कि MSME और कृषि क्षेत्र को जरूरी सहयोग नहीं मिल रहा. सरकार पर कैपिटा इनकम का आंकड़ा दिखाती है, लेकिन जिनको राशन देने का दावा करती है उनकी प्रति व्यक्ति आय नहीं बताती.
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपना संकल्प पत्र भूल गई है. यूपी में विधायक द्वारा मंत्री के अपहरण का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश ने नया उदाहरण पेश किया है. मेट्रो परियोजनाओं पर कहा कि पानी में मेट्रो चलाने लगे, जबकि कई जगह प्रोजेक्ट अटके हैं. लखनऊ में सपा के बाद मेट्रो आगे नहीं बढ़ पाई.
CM योगी आदित्यनाथ का कहना था कि पिछले 9 साल में हमने राज्य का परसेप्शन बदला है. पॉलिसी पैरालिसिस से बाहर निकाला है. 9 वर्ष में 3 गुना से अधिक बजट बढ़ा है. बजट की थीम- सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, हर हाथ को काम है. 2 लाख करोड़ से अधिक कैपिटल एक्सपेंडिचर में रखा गया है. 9 साल में 10वां बजट है और एक मुख्यमंत्री नाते ये रिकॉर्ड है. 9 सालों में एक भी नया टैक्स नहीं. यूपी में कर चोरी लीकेज आदि को रोक कर सरप्लस स्टेट बनाया है. RBI के तहत तय की गई RBFM के अधीन यूपी को रखा गया है. युवाओं के इम्पलॉयमेंट पर फोकस है. न्यू इकॉनोमिक जोन कलस्टर बनाने का प्रावधान है. ये इम्पलॉयमेंट जेनरेटर बजट है. यूपी में निवेश के लिए सिंगल विंडो सिस्टम दिखाई देगा. रूल ऑफ लॉ ही रियल ग्रोथ की गारंटी है. सुरक्षा है. स्मार्ट पुलिसिंग है. इसकी वजह से निवेश तेज हुआ है.
हमने हर जिलों में फोकस किया है. यूपी में अब टैक्स चोरी बंद हो गई. हर सेक्टर नई ऊंचाइयां छू रहा है. हम निवेश की नई योजनाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं. देश की टॉप 3 अर्थव्यवस्था में यूपी शामिल है. यूपी के विकास से रोजगार में मदद मिली है. पिछड़े जिलों पर भी फोकस किया गया. यूपी में नए डेटा सेंटर बनाए जाएंगे. यूपी में एआई मिशन और स्किल का काम आगे बढ़ेगा. कई सिटी इकॉनोमिक जोन बनाए जाएंगे. रियल टाइम डेटा और मॉनिटरिंग की सुविधा होगी.
बजट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. उन्होंने कहा, यूपी में लगातार बजट बढ़ रहा है. बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है. ये अब तक का सबसे बड़ा बजट है. किसान, युवा और महिलाओं को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है. हमने टैक्स चोरी रोककर वित्तीय लेनदेन आसान बनाया है. हमने 9 साल में लोगों की राय बदली है.
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. चिकित्सा शिक्षा के लिए अलग से 14,997 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. इनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं को बड़ी सौगात दी है. बजट में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, कॉलेज आने-जाने की दिक्कतों को कम करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.
ऊर्जा सेक्टर में सरकार ने 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जो पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत अधिक है.
- दिसंबर 2025 तक औसत बिजली आपूर्ति: ग्रामीण क्षेत्र में 19 घंटे, तहसील मुख्यालय में 21 घंटे 49 मिनट और जनपद मुख्यालय में 24 घंटे सप्लाई हो रही.
- 1 अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप कनेक्शन जारी.
- 2017-18 से अब तक 1,66,135 निजी नलकूप संयोजन जारी.
- 4,680 कृषि फीडर लक्ष्य के मुकाबले 4,048 फीडर बन चुके हैं. इन पर 10 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो देश में सर्वाधिक बताई गई.
- 1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र बने.
- 20,924 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए और 85,684 की क्षमता बढ़ाई गई.
- पारेषण क्षमता 2016-17 में 17,890 मेगावॉट थी, जिसे बढ़ाकर 2025-26 में 32,500 मेगावॉट किया गया.
- नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान.
- 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य. अब तक 2.43 करोड़ घरों तक नल संयोजन पहुंच चुका है.
- जल जीवन मिशन के लिए 22,452 करोड़ रुपये का प्रावधान.
- गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 74 सीवरेज परियोजनाएं स्वीकृत. 41 पूरी हो चुकी हैं, बाकी निर्माणाधीन हैं.
प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार ने बड़ा बजट आवंटन किया है.
- सड़कों और सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था.
- नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये.
- सेतुओं के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेल ओवरब्रिज/अंडरब्रिज निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये.
- राज्य व जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3,700 करोड़ रुपये.
- राज्य सड़क निधि से अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये और निर्माण/चौड़ीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये.
- शहरों में बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये.
-औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क से जुड़ी सड़कों के लिए 1,000 करोड़ रुपये.
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निकट भविष्य में देश का IT हब बनेगा. भाषण के दौरान उन्होंने कहा, 'सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने में.'
योगी सरकार ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर में बड़े प्रावधान किए हैं. मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 800 नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इसके लिए 40 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का प्रावधान किया गया है. इससे 16,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है. पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान देने के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. गोरखपुर के खजनी स्थित कंबल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये की नई योजना लाई गई है. माटीकला के पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम हेतु 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
- राज्य में AI मिशन, स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित होंगे.
- नई टेक्नोलॉजी मिशन और टेक युवा-समर्थ युवा योजना लाई जाएगी.
- GSDP 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये, 13.4% वृद्धि.
- प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये.
- 2025-26 में 1,20,000 रुपये होने का अनुमान.
- 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर लाने और बेरोजगारी दर 2.24% होने का दावा.
- अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान.
- 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी.
- 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 42.96 लाख मीट्रिक टन धान और 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा की खरीद.
- PM किसान के तहत 3.12 करोड़ किसानों को 94,668 करोड़ रुपये DBT से ट्रांसफर.
- BC सखी योजना के तहत 39,000 करोड़ से अधिक लेन-देन.
-26.81 लाख बालिकाएं मुख्यमंत्री सुमंगला योजना से लाभान्वित.
- 90,000 मंगल दलों को खेल सामग्री.
- 49.86 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित.
- मनरेगा में 20.19 करोड़ मानव दिवस सृजित.
- अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का बजट है.
-औद्योगिक क्षेत्र विस्तार योजना के लिए 5,000 करोड़.
- अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 2,000 करोड़.
- FDI प्रोत्साहन नीति के लिए 1,000 करोड़.
- डिफेंस कॉरिडोर में 35,280 करोड़ निवेश और 53,263 रोजगार की संभावना.
- MSME सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये.
-3.11 करोड़ लोगों को रोजगार देने वाला यह सेक्टर देश में अग्रणी बताया गया.
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1 लाख सूक्ष्म उद्यम हर साल स्थापित करने का लक्ष्य.
चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये का प्रावधान है. प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज (45 सरकारी, 36 निजी) संचालित हैं. 60 जिलों में मेडिकल कॉलेज हैं, 16 जिलों में PPP मॉडल से कॉलेज खुलेंगे. एमबीबीएस सीटें 2017 की 4,540 से बढ़कर 12,800 हुईं. पीजी सीटें 1,221 से बढ़कर 4,995 हुईं. 14 नए मेडिकल कॉलेज के लिए 1023 करोड़, लखनऊ कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ और असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए 130 करोड़ का प्रावधान है.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये, जो पिछले साल से 15% अधिक है. जननी शिशु सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, पल्स पोलियो अभियान (3.28 करोड़ बच्चों को खुराक), 42 जिलों में JE टीकाकरण जारी है. आयुष्मान योजना के 49.22 लाख परिवार लाभार्थी हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ का प्रावधान है. आयुष सेवाओं के लिए 2,867 करोड़ रुपये का प्रावधान है. प्रदेश में 2,111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी और 1,585 होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हैं. 8 आयुर्वेदिक, 2 यूनानी और 9 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं.
राजकोषीय घाटे की सीमा 3% तय की गई है, जो 2030-31 तक लागू रहेगी. सरकार ने बताया कि 2016-17 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात 29.3% था, जिसे 2019-20 में घटाकर 27.9% किया गया. कोविड के कारण यह 2021-22 में 33.4% हुआ, लेकिन अब इसे 27% से नीचे लाया जा चुका है. 2026-27 में इसे 23.1% तक लाने और आगे 20% से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है.
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए संकल्प लेकर काम किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री के संकल्प को इन पंक्तियों में व्यक्त किया- 'यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है. दिया जला के रोशनी कर दूं जहां अंधेरा है.'
पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ रुपये और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,243 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय और अनावासीय भवनों के लिए 346 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. अग्निशमन केंद्रों के आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व्यवस्था सुदृढ़ करने और नए केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के लिए 190 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मिशन शक्ति के तहत महिला बीट कर्मियों के क्षेत्र भ्रमण के लिए वाहनों की खरीद हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
वित्त मंत्री ने कहा कि जनसामान्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम और सुदृढ़ बनाया जा रहा है. सरकार का दावा है कि कठोर प्रयासों के चलते प्रदेश में अपराध की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. वर्ष 2016 के मुकाबले डकैती में 89%, लूट में 85%, हत्या में 47%, बलवा में 70% और फिरौती के लिए अपहरण में 62% की कमी आई है. महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी कमी का दावा किया गया है. वर्ष 2016 की तुलना में हत्या में 48%, दहेज मृत्यु में 19%, बलात्कार में 67% और शील भंग के मामलों में 34% की गिरावट दर्ज की गई है. अनुसूचित जाति और जनजाति उत्पीड़न से जुड़े मामलों में भी कमी का दावा किया गया है. वर्ष 2016 के मुकाबले हत्या में 43%, आगजनी में 94%, बलात्कार में 32% और गंभीर चोट के मामलों में 10% की कमी आई है.
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की योजनाओं के लिए 5,041 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह राशि 2025-26 की तुलना में पांच गुना से ज्यादा है. वित्त वर्ष 2026-27 में वस्त्रोद्योग क्षेत्र में 30,000 नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रदेश को गारमेंटिंग हब बनाने के लिए PM MITRA पार्क योजना के तहत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जा रहा है. हथकरघा और पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिए अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के तहत 4,423 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 के लिए 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि वर्ष 2026-27 का बजट पिछले वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है. कुल बजट में पूंजीगत व्यय की हिस्सेदारी 19.5 प्रतिशत है. शिक्षा के लिए 12.4 प्रतिशत, स्वास्थ्य के लिए 6 प्रतिशत और कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत बजट का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि जहां भी अंधेरा है, वहां रोशनी पहुंचाना उनका सपना और संकल्प है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री ‘सुरक्षा संकल्प योजना’ को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा. मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. डीजल चालित पंपों को सोलर आधारित प्रणाली में परिवर्तित किया जाएगा. साथ ही कृषि वितरण व्यवस्था और एग्री एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लागू की जाएंगी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में 2.16 करोड़ हेक्टेयर के मुकाबले 2024-25 में सिंचित क्षेत्र बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है. फसल सघनता 2016-17 में 162.7 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 2024-25 में 193.7 प्रतिशत हो गई है.
वर्ष 2016-17 में 5,878 मेगावाट तापीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता थी, जिसे बढ़ाकर वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) में 9,120 मेगावाट कर दिया गया है, जो 55.16 प्रतिशत की वृद्धि है. राज्य में अब तक 2,815 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं.
14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है. लखनऊ के कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा असाध्य रोगों के निःशुल्क इलाज के लिए 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है.
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में एमबीबीएस सीटों की संख्या 4,540 थी, जिसे बढ़ाकर 12,800 किया गया है. वहीं पीजी सीटों की संख्या 1,221 से बढ़ाकर 4,995 की गई है.
सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है. वर्तमान में प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं. इस समय 60 जनपद मेडिकल कॉलेज सुविधाओं से आच्छादित हैं, जबकि 16 ऐसे जनपदों में पीपीपी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है.
वित्त मंत्री ने कहा कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1,939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक और 219 प्रधानाचार्यों समेत कुल 8,966 नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. इसके अलावा वर्ष 2017 से अब तक सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया है.
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक पुलिस विभाग में 1,83,766 पुरुष और 35,443 महिलाओं समेत कुल 2,19,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गई है. इसके अलावा 1,58,000 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई है. उन्होंने बताया कि इस समय 60,244 सिपाहियों का प्रशिक्षण जारी है, जबकि अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है.
वित्त मंत्री ने खन्ना ने कहा, सरकार ने बजट में शिक्षा पर 12.4 प्रतिशत और स्वास्थ्य पर 6 प्रतिशत धन आवंटित किया है. पूंजीगत खर्च पर 19.5 प्रतिशत बजट रखा गया है. सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34468 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं. सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए 3 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं. सिंचाई योजनाओं के लिए 18 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं. स्वामी विवेकानंद युवा-सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत अब तक 49 लाख 86 हजार टैबलेट/स्मार्टफोन निःशुल्क वितरित किए जा चुके हैं. प्रदेश में अब तक 90,000 मंगल दलों को प्रोत्साहन स्वरूप खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है.
वित्त मंत्री ने सुरेश खन्ना ने कहा, प्रदेश में नई योजनाएं के लिए 750 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं. अयोध्या में नई योजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं. हमारी सरकार ने रोजगार के 10 लाख अवसर मुहैया कराए हैं. युवाओं को 40 लाख टैबलेट बांटे जाएंगे. फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन के लिए 2374 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं. इसके अलावा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत वर्तमान में संचालित 163 अभ्युदय केंद्रों पर 23,000 से ज्यादा युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है. युवाओं को सरकारी नीति निर्माण और क्रियान्वयन में सहभागिता प्रदान करने हेतु 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है.
वित्त मंत्री ने बताया कि यूपी आज कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है. गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा योगदान है. इतना ही नहीं, यूपी सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र है. देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है. भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयां प्रदेश में स्थित हैं. प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का कहना था कि इस बार 9,12,696.3 लाख करोड़ रुपए का मेगा बजट पेश किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश का यह नया बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत ज्यादा है. वित्त मंत्री ने कहा, कृषि उत्पादन में यूपी नंबर वन है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 62 किसानों को फायदा पहुंचा है. हमारी सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है.
वित्त मंत्री ने बताया कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग बढ़ी है. प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपए है. यानी वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपए से दोगुने से ज्यादा है. वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अपने घर से दूर काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा. विश्व बैंक की सहायता से यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाएगी. 2025-2026 में यूपी में प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख होने का अनुमान है. 9 लाख से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षत किया गया गया. 5 लाख से ज्यादा युवाओं को विभिन्न कंपिनयों में नौकरी दिलाई गई. बेरोजगारी दर 2.2 प्रतिशत कमी आई है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, यूपी में 10 लाख युवाओं को रोजगार देंगे. लड़कियों की शादी के लिए सरकार 1 लाख रुपये देगी. यूपी का इस बार का बजट का आकार 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए का है. पिछले बजट की तुलना में 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है.
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान औद्योगिक व्यवस्था को मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की समृद्धि और गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य विकास और सामाजिक संतुलन को साथ लेकर आगे बढ़ना है.
वित्त मंत्री ने कहा कि नवाचार और तकनीकी निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी हासिल हुई है. यह उपलब्धि राज्य की विकास और इनोवेशन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. सुरेश खन्ना ने बताया कि नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंडलॉक्ड राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है. इसे प्रदेश की निर्यात क्षमता और बुनियादी ढांचे में सुधार का प्रमाण बताया गया.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में बताया कि देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां उत्तर प्रदेश में स्थित हैं. प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. सरकार का दावा है कि यूपी अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बना चुका है.
बजट में पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास को जोड़ने पर बल दिया गया है. प्रदेश के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और जरूरत के अनुसार नए केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे. कौशल संवर्धन अभियान में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. पीपीपी मॉडल के तहत विभिन्न जनपदों में स्किल डेवलपमेंट और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण के साथ रोजगार की सीधी कड़ी बनाई जा सके. कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला-केंद्रित कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इससे महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे.
वित्त मंत्री ने कहा कि जहां पूंजी निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए जरूरी है, वहीं युवाओं को रोजगार के अवसर देना और उन्हें रोजगार के योग्य बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. सरकार युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन कार्यक्रमों को मिशन मोड में चलाएगी. जिन युवाओं के पास किसी व्यवसाय में हस्तकौशल या दक्षता होगी, वे बेरोजगार नहीं रहेंगे. इसी सोच के साथ स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया जाएगा.
सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण में ‘जनविश्वास सिद्धांत’ को लागू करने की बात कही है. इसके तहत उद्योगों के रजिस्ट्रेशन, लाइसेंसिंग और अन्य प्रक्रियाओं को और सरल व पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके. प्रदेश में डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना पर काम शुरू किया जाएगा. इसका लक्ष्य युवाओं को डिजिटल माध्यम से स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे नई अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़े.
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि विश्व बैंक सहायता प्राप्त यू.पी. एग्रीज परियोजना के तहत प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच देना और किसानों की आय बढ़ाना है.
वित्त मंत्री ने कहा कि अवस्थापना-प्रधान विकास नीति के चलते नीति आयोग द्वारा जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने लैंड-लॉक्ड राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है. कृषि उत्पादन में प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है और गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक योगदान देता है.
सिंचित क्षेत्र वर्ष 2016-17 के 2.16 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2024-25 में लगभग 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है. फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है. ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5,878 मेगावॉट से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 9,120 मेगावॉट हो गई है, जो 55.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है. इसके साथ ही प्रदेश में 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे हरित और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है.
बजट भाषण में बताया गया कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग वर्ष 2018-19 के 29वें स्थान से सुधरकर वर्ष 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है. फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया, जिसमें अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे करीब 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है.
करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के लिए चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं. उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन चुका है, जहां देश के कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा तैयार होता है. देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. स्टार्टअप रैंकिंग में भी उत्तर प्रदेश को ‘लीडर श्रेणी’ में स्थान मिला है.
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की मजबूती से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की खुशहाली और गरीबी उन्मूलन तक हर क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है.
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के त्वरित अनुमान के अनुसार प्रदेश का GSDP 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है. प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये आंकी गई है, जो वर्ष 2016-17 के 54,564 रुपये के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है. वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. सरकार का दावा है कि करीब 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है और बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए कहा, सरकार का फोकस औद्योगिक व्यवस्था को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे का विस्तार करने, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, महिलाओं को सशक्त बनाने, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने और गरीबी उन्मूलन पर है. उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास को गति देना और सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है.
वित्त मंत्री ने खन्ना ने कहा, वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रूपये होने का अनुमान है. प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुए हैं. बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है. अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है. अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रुपए के निवेश की लगभग 16 हजार से ज्यादा परियोजनाओं के 4 ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह संपन्न हो चुके हैं.
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि देश का 65 फीसदी मोबाइल फोन प्रोडक्शन यूपी में हो रहा है. जबकि यूपी में 15 लाख करोड़ का निवेश आया है. बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा, हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश ने हर क्षेत्र में सर्वांगीण विकास देखा है. कानून-व्यवस्था की मजबूती, बुनियादी ढांचे का विस्तार, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की समृद्धि और गरीबी उन्मूलन- हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2024-25 के लिए राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.
यूपी सरकार का बजट पेश हो रहा है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट भाषण में सरकार की योजनाओं के लिए बजट प्रावधान के बारे में विस्तार से बता रहे हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा, बजट वित्तीय वर्ष का पूरा लेखा-जोखा होता है. अगले वित्तीय वर्ष में सरकार जो भी योजनाएं लाने जा रही है, उनका पूरा विवरण आज पेश किया जाएगा. मैं सभी सदस्यों से आग्रह करता हूं कि वे पूरे बजट को पढ़ें और जनता के हित में जरूरी योजनाओं पर गंभीर चर्चा करें.
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, यह बजट उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के जीवन में समृद्धि लाने वाला होगा. विकसित भारत के लिए विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण करेगा. युवाओं के भविष्य का रोडमैप देगा, महिलाओं को सशक्त करेगा और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करेगा. समाजवादी पार्टी सत्ता से बाहर रहकर मानसिक रूप से हताश हो चुकी है. उन्हें 2047 तक सत्ता नहीं मिलेगी, इसलिए वे इस तरह के बयान दे रहे हैं. भारत सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार के बजट को कोई प्रभावित नहीं कर सकता.
यूपी विधानसभा में आज सुबह 11 बजे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना राज्य का बजट पेश करेंगे. बजट भाषण से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ गई हैं. नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय ने कहा, देखते हैं बजट क्या देता है. समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा, पेपरलेस विधानसभा में एक बार फिर कागजी बजट पेश किया जा रहा है. इस बजट में कोई विजन नहीं होगा, यह सिर्फ धोखे का बजट होगा. इसमें भ्रष्टाचार और लूट होगी. अब तक जनता के साथ धोखा हुआ है और आगे भी लूट ही होगी. यूपी सरकार के मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा, यह बजट सबके कल्याण के लिए होगा. समाजवादी पार्टी को अच्छी तरह पता है कि भ्रष्टाचार में कौन शामिल था. योगी सरकार को जनता का भरोसा हासिल है और इसी वजह से हम 2027 में दोबारा सत्ता में लौटेंगे.
समाजवादी पार्टी के विधायक प्रधानमंत्री मोदी, ट्रंप और वेनेजुएला के राष्ट्रपति के मुखौटे पहनकर विधानसभा में दाखिल हुए. विधायकों ने किसानों और एपस्टीन फाइल्स मामले का मुद्दा उठाया. सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री, ट्रंप के सामने नतमस्तक हो गए हैं उसके चलते भारतीय किसान ठगा हुआ महसूस कर रहा है. सपा विधायक फहीम इरफान ने कहा कि हर क्षेत्र में सरकार विफ़ल नजर आ रही है.
लखनऊ में बजट पेश होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायक विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करेंगे. सपा विधायकों ने कहा है कि वे किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ जैसे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों को भी सदन में उठाएंगे. बजट पेश होने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे.
यूपी सरकार के बजट में कई बड़ी सौगातें मिलने की उम्मीदें हैं. मेधावी बेटियों को स्कूटी देने का वादा इस बजट में पूरा किया जा सकता है. शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी की उम्मीद है. बजट में विकास, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रहने की संभावना है. यूपी सरकार की ओर से कई बड़ी घोषणाएं किए जाने के संकेत मिल रहे हैं.
यूपी बजट से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बयान आया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, यूपी सरकार के विदाई बजट के साथ भाजपा की भी विदाई तय है. सपा महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा, बजट से पहले ही जनता का हिसाब साफ है- रोजगार शून्य है. किसान कर्ज़ में है. नौजवान निराश है. अब ‘जुमलों का बजट’ नहीं चलेगा. सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, जब यहां के (केंद्रीय) बजट पर सबकी निगाहें झुक गईं तो वो (यूपी) कौन सा बहुत अच्छा बजट आएगा. यूपी में कौन सा अर्धशास्त्री मुख्यमंत्री बैठा है. गरीबों का घर उजाड़ दिए. अब बजट लेकर आएंगे.
कैबिनेट बैठक में यूपीसीडा से जुड़े प्रस्ताव, लखनऊ मेट्रो के निर्माण और संचालन से जुड़े फैसले, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा संपत्तियों के विकास और आवंटन, सार्वजनिक उपक्रमों और आयुष विभाग से जुड़ी CAG रिपोर्ट को सदन में रखने पर भी हरी झंडी मिल सकती है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट प्रदेश के 25 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है. गरीब कल्याण, युवा सशक्तिकरण, किसान समृद्धि और महिला सम्मान को केंद्र में रखकर बजट तैयार किया गया है.
बजट से पहले सीएम योगी ने कहा कि बजट आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा. सरकार ने राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य तय किया है और यह बजट उसी दिशा में ठोस एक्शन प्लान पेश करेगा.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू’ राज्य नहीं रहा. निवेश के लिहाज से यूपी बेहतर डेस्टिनेशन बना है, प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है और राज्य अब रेवेन्यू प्लस स्टेट बन चुका है.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के मुताबिक स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने पर खास जोर रहेगा. सरकार प्राइमरी से टर्शियरी और अब क्वाटरनरी केयर तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है.
चुनाव से पहले पेश हो रहे इस बजट में कुछ लोकलुभावन घोषणाएं भी संभव हैं. हालांकि सरकार का दावा है कि विकास और बुनियादी ढांचे के एजेंडे से समझौता नहीं किया जाएगा.
इससे पहले मंगलवार शाम वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर हस्ताक्षर किए. उन्होंने कहा कि बजट जनता की अपेक्षाओं, विकास की जरूरतों और सुशासन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.