'हत्यारों को मिट्टी में मिलाने के लिए धन्यवाद...', जब योगी की रैली में पोस्टर लेकर पहुंचे उमेश पाल के समर्थक

4 मई को होने वाले चुनाव से पहले प्रयागराज में उमेश पाल की पत्नी जया पाल के नाम से एक पोस्टर वायरल हो रहा है. वायरल पोस्टर में जया पाल ने पति उमेश पाल के हत्यारों को मिट्टी में मिलाने के लिए धन्यवाद किया है. साथ ही उन्होंने यूपी के लोगों से निकाय चुनाव में बीजेपी को वोट देने की अपील की है.

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सीएम योगी की रैली में पोस्टर लेकर पहुंचे उमेश पाल समर्थक सीएम योगी की रैली में पोस्टर लेकर पहुंचे उमेश पाल समर्थक

आनंद राज

  • प्रयागराज,
  • 03 मई 2023,
  • अपडेटेड 7:47 AM IST

उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने मंगलवार को एक पोस्टर जारी कर अपने पति और बसपा विधायक राजू पाल के हत्यारों के खात्मे के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है. सीएम योगी मंगलवार को निकाय चुनाव के लिए प्रयागराज में प्रचार करने पहुंचे थे. इस दौरान कुछ लोग पोस्टर लेकर पहुंचे. इसमें लिखा था, ''उमेश पाल के हत्यारों को मिट्टी में मिलाने के लिए धन्यवाद.''

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जया पाल द्वारा जारी पोस्टर में सीएम योगी के अलावा बीजेपी विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह की भी फोटो थी. इस पोस्टर में उमेश पाल, जया पाल और राजू पाल की भी फोटो लगाई गई थी. पोस्टर में लिखा था, ''बुलडोजर बाबा जिंदाबाद, सिद्धार्थनाथ सिंह जिंदाबाद.''

जया पाल ने बीजेपी को वोट देने की अपील की

इतना ही नहीं जया पाल के नाम एक पोस्टर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. इसमें जया पाल द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी को समर्थन देने की अपील की गई है. इस पोस्टर में लिखा है, योगी जी ने जो कहा था, उन्होंने कर दिखाया. उन्होंने माफिया को मिट्टी में मिला दिया. 

उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने इस वायरल पोस्टर को लेकर यूपीतक से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा, नगर निकाय चुनाव में जहां-जहां बीजेपी प्रत्याशी लड़ रहे हैं, उन सभी प्रत्याशियों के सामने कमल के बटनों को दबाते हुए उन्हें विजयी बनाएं. जिससे बाबा जी (योगी आदित्यनाथ) की सरकार फिर से बन सके. इससे समाज में माफियागिरी खत्म होगी.

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24 फरवरी को हुई थी उमेश पाल की हत्या

4 फरवरी को प्रयागराज की सड़कों पर दिनदहाड़े उमेश पाल और उसके दो गनर्स की हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल 19 साल पहले हुए राजू पाल हत्याकांड का मुख्य गवाह थे. इस केस में अतीक और अशरफ मुख्य आरोपी थे. उमेश पाल की पत्नी ने अतीक, अशरफ, शाइस्ता समेत 9 लोगों पर मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने हत्याकांड में शामिल शूटरों की पहचान असद, अरमान, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और साबिर के तौर पर की थी.

चार आरोपियों का एनकाउंटर, दो की हुई हत्या

27 फरवरी को पुलिस ने हत्याकांड में शूटरों द्वारा इस्तेमाल क्रेटा कार चलाने वाले अरबाज को ढेर कर दिया था. यह कार अरबाज के घर के बाहर मिली थी. इसके बाद 6 मार्च को पुलिस ने उमेश पर पहली गोली चलाने वाले शूटर विजय कुमार उर्फ उस्मान चौधरी का एनकाउंटर कर दिया था. 13 अप्रैल को यूपी एसटीएफ ने झांसी में असद और गुलाम को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. 

इसके दो दिन बाद यानी 15 अप्रैल को देर रात प्रयागराज के काल्विन हॉस्पिटल के बाहर अतीक और उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई.पुलिस घेरे में इस दोहरे हत्याकांड को अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी ने अंजाम दिया. तीनों पत्रकार बनकर पुलिस के काफिले के नजदीक पहुंचे और जैसे ही अतीक और उसके भाई अशरफ ने मीडिया से बात करना शुरू की, तीनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस दौरान करीब 18 राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से 8 गोली अतीक अहमद को लगीं. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.
 

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