उमेश पाल हत्याकांड में साजिश रचने के नामजद माफिया अतीक अहमद प्रयागराज की नैनी जेल पहुंच गया है. करीब 28 घंटे की यात्रा के बाद गुजरात की साबरमती जेल से अतीक को प्रयागराज लाया गया है. साबरमती से प्रयागराज के रास्ते में अतीक के चेहरे पर खौफ साफ दिखा. उसकी जुबान से दहशत भरे बोल निकल रहे थे.
उसने कहा कि उसकी माफियागिरी खत्म हो चुकी है और सरकार ने उसको मिट्टी में मिला दिया है. वो अपने परिवार को लेकर फिक्रमंद दिखा. अतीक के परिवार के करीब-करीब सारे सदस्य उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी हैं. उसकी पत्नी-बेटा फरार हैं और सबको पुलिस ढूंढ़ रही है. बताया जा रहा है कि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को नैनी जेल में अलग-अलग बैरक में रखा जाएगा. अशरफ को बरेली जेल से नैनी जेल में लाया गया है.
अतीक और अशरफ नैनी सेंट्रल जेल पहुंचे
अतीक की बीवी शाइस्ता पर 50 हजार रुपये का इनाम है. वो उमेश पाल हत्याकांड से ठीक पहले हत्याकांड में शामिल शूटर के साथ दिखाई दी थी. अतीक कहता है कि वो घरेलू महिला है, वो निर्दोष है. अतीक की बहन आयशा नूरी भी उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी और बमबाज गुड्डू के साथ दिखाई दी थी. अतीक कहता है घर की औरतों को कुछ न कहें.
यूपी पुलिस ने शाइस्ता पर 50 हजार इनाम घोषित कर दिया है. उधर, चंद रोज पहले ही MP-MLA कोर्ट से शाइस्ता परवीन को झटका लग चुका है. उसकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है. ऐसे में शाइस्ता के लिए अतीक की कोई गुहार काम नहीं आने वाली.
उमेश पाल का परिवार कर रहा है फांसी की मांग
वहीं, अतीक अहमद को लेकर उमेश पाल के परिवार में गुस्से का माहौल है और कह रहा है कि अतीक का एक ही इलाज है, उसका एनकाउंटर हो या फांसी हो. 16 दिनों में दूसरी बार है जब अतीक को साबरमती जेल से प्रयागराज लाया गया है. पहले मामला उमेश पाल के अपहरण का मामला था. अब अतीक से उमेश पाल की हत्या के मामले में पूछताछ होगी.
गुरुवार को अतीक और अशरफ की CJM कोर्ट में पेशी होगी
बता दें, साबरमती जेल से अतीक अहमद नैनी जेल पहुंच चुका है. बरेली जेल से अतीक अहमद का भाई अशरफ भी नैनी जेल में पहुंच चुका है. बुधवार की रात अतीक और अशरफ पर बहुत भारी है क्योंकि गुरुवार को उमेश पाल हत्यकांड में दोनों की पेशी CJM कोर्ट में होगी. अतीक और अशरफ को पुलिस बी वारंट पर प्रयागराज लाई है. सूत्रों के मुताबिक, उमेश पाल कांड में पुलिस अब कोर्ट से अतीक और अशरफ का रिमांड की मांग करेगी, ताकि रिमांड पर दोनों से उमेश पाल की हत्या से जुड़े राज उगलवाए जा सकें.
गोपी घांघर / संतोष शर्मा / अरविंद ओझा