UP: अतीक के दफ्तर से 10 पिस्टल और दीवारों-फर्श में दबा मिला 74 लाख कैश

प्रयागराज पुलिस ने रेकी करने वाले और अतीक अहमद को इंटरनेट कॉलिंग के जरिए हर बात पहुंचाने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने चकिया इलाके में अतीक के ऑफिस से 74 लाख 62 हजार रुपये कैश, 10 पिस्टल, 1 तमंचा और कारतूस बरादम किए. इन्हें फर्श में दबाकर रखा गया था.

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अतीक अहमद के दफ्तर से बरामद असलहे और कैश अतीक अहमद के दफ्तर से बरामद असलहे और कैश

संतोष शर्मा

  • प्रयागराज ,
  • 22 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 4:51 PM IST

उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने शूटर्स को पुलिस अब तक अपनी पकड़ नहीं पाई है. मगर, पुलिस एक-एक कड़ी को जोड़कर हत्यारों के करीब पहुंच रही है. मंगलवार शाम प्रयागराज पुलिस ने रेकी करने वाले और अतीक अहमद को इंटरनेट कॉलिंग के जरिए हर बात पहुंचाने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

इसमें कैश अहमद 16 सालों से अतीक अहमद का ड्राइवर था और राकेश लाला मुंशी का काम करता था. नगदी और असलहों को छिपाने में इनकी अहम भूमिका थी. इन दोनों की निशानदेही पर ही पुलिस ने चकिया इलाके में अतीक के ऑफिस से 74 लाख 62 हजार रुपये कैश, 10 पिस्टल, 1 तमंचा और कारतूस बरादम किए हैं.

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गड्ढे और दीवारों में छिपाए थे असलहे 

इन गुर्गों ने बिल्डिंग में सबमर्सिबल के लिए खुदे गड्ढे में एक काले रंग की पॉलीथीन में असलाह छुपाकर रखा था. दो पिस्टल बिल्डिंग के पीछे वाले हिस्से में मजार के पास छुपाई गई थीं. इसके अलावा कैश अहमद और राकेश लाला ने 6 असलहे और 74 लाख 62 हजार रुपये दफ्तर के कमरे की फॉलसीलिंग में छुपा कर रखे थे. 

पुलिस को रेड के दौरान दीवारों और फर्श को तोड़ने के बाद 500 और 200 रुपये के नोट बरामद हुए. उन्हें गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी. भारी पुलिस बल के साथ अफसरों की टीम भी वहां मौजूद रही. पुलिस ने दफ्तर में काम करने वाले 5 लोगों को फिलहाल गिरफ्तार किया है. उनकी निशानदेही पर छापेमारी और बरामदगी की गई.

इन पांचों को किया गया गिरफ्तार

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अतीक के अड्डे से गिरफ्तार हुए आरोपियों में नियाज अहमद, मोहम्मद शजर, कैश अहमद, राकेश कुमार और अरशद खान शामिल हैं. गिरफ्तार नियाज अहमद के फोन से ही असद इंटरनेट कॉल करके जेल में बंद अतीक और अशरफ से बात करवाता था. उमेश पाल हत्याकांड में नियाज अहमद को रेकी करने की जिम्मेदारी दी गई थी. 

नियाज अहमद ने ही उमेश पाल की कचहरी से उसके घर तक रेकी की और कई बार उसका पीछा किया. उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने के लिए अतीक के घर (जहां शाइस्ता रहती थी) पर ही बैठक हुई थी. इसी घर में असद के बड़े से कमरे में मीटिंग के दौरान अतीक अहमद को कॉल से जोड़कर फोन को लाउडस्पीकर पर रखा जाता था. 

5 हत्यारों को पकड़ने में जुटी पुलिस

उमेश पाल की लोकेशन देता था मोहम्मद शजर

नियाज अहमद से मिला फोन पुलिस की जांच के दायरे में है. मोहम्मद शजर सलेमपुर का रहने वाला है. उमेश पाल के घर के पास ही रहता था. असद ने आईफोन लेकर मोहम्मद शजर को दिया था, जिस पर अतीक अहमद और अशरफ को मोहम्मद शजर... उमेश पाल की लोकेशन देता था और आने-जाने की पूरी सूचना भी देता था. 

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