उत्तर प्रदेश के महराजगंज (Maharajganj) में भारत-नेपाल को जोड़ने वाले गोरखपुर शोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दो मंजिला मकान बारिश के बीच भरभराकर गिर गया. गनीमत रही कि हादसे के समय मकान में कोई मौजूद नहीं था.
दरअसल, एनएच 29 के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है. ऐसे में अतिक्रमण की जद में आए मकानों को हटाने का कार्य भी किया जा रहा है. उसी के क्रम में गोरखपुर शोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित भैया फरेंदा के पास रहने वाले अशोक मद्देशिया ने अपने दो मंजिला मकान का आधा हिस्सा तोड़ लिया था.
इसके बाद कार्यदाई संस्था ने सामने की मिट्टी को बराबर करने उद्देश्य से मिट्टी को नींव से हटा दिया. इसके बाद बारिश होने पर नींव कमजोर हो गई थी. बारिश हुई तो मकान अचानक झुकने लगा. इसे देख स्थानीय लोगों ने मकान के इर्द गिर्द से लोगों को हटा दिया. इसके कुछ देर बाद मकान भरभराकर गिर गया.
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मकान मालिक ने कार्यदाई संस्था पर लगाए आरोप
मकान मालिक अशोक मद्देशिया ने कार्यदाई संस्था पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम मना कर रहे थे कि नींव से मिट्टी मत हटाइए. बारिश हुई तो मकान ढह जाएगा, लेकिन कार्यदाई संस्था के गुर्गे हमें धमकी देने लगे कि तुम्हारा मकान ढहा दूंगा. प्रशासन ने मध्य सड़क से साढ़े बाइस मीटर जमीन खाली करने का मानक तय कर रखा था.
अशोक मद्देशिया ने कहा कि हमने मानकों के हिसाब से हिस्सा पहले ही खाली कर दिया था. कार्यदाई संस्था को हमारे मकान के पास नाली निर्माण करना था. हमने बोल दिया था कि बरसात में नींव से मिट्टी मत हटाइए, नहीं तो मेरा मकान गिर जाएगा, लेकिन संस्था ने नहीं सुनी. हमारा घर इस तरीके से ढह गया, जो अतिक्रमण की जद में नहीं था.
'अतिक्रमण हटाने का कार्य ठीक से नहीं हुआ'
उपजिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि मकान मालिक ने अपने मकान को खुद तुड़वाया. अतिक्रमण हटाने का कार्य प्रोफेशनली नहीं किया गया. केवल नीचे की दीवार और पिलर को हटाया गया. ऊपर का वजन वैसे ही था, जिसकी वजह से मकान गिर गया. मकान मालिक की क्षतिपूर्ति के लिए जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है.
अमितेश त्रिपाठी