पाकिस्तान के कराची से नोएडा पहुंची सीमा गुलाम हैदर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है. सोशल मीडिया से लेकर गली-नुक्कड़ तक सीमा और सचिन की कथित लव स्टोरी की चर्चाएं जोरों पर है. वहीं, यूपी ATS की दो दिनों तक चली पूछताछ के बाद सीमा की पहचान को लेकर अब तमाम सवाल उठने लगे हैं. उसके पाकिस्तानी जासूस होने तक की चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि एटीएस को अभी तक इस संबंध में कोई सुराग हाथ नहीं लगे हैं. इधर, यूपी पुलिस सीमा की पाकिस्तान वापसी के संकेत दे चुकी है.
इस सबके बीच अब सीमा को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है. नेपाल के पोखरा पहुंची आजतक की टीम के हाथ वो सबूत लगे हैं, जिसमें ये बात सामने आई है कि सीमा नाम बदलकर भारत में दाखिल हुई थी. इसके लिए उसने नेपाल के पोखरा से ग्रेटर नोएडा जाने के लिए बस पकड़ी थी. बस में सफर करने के दौरान सीमा ने अपना नाम प्रीति बताया था. इतना ही नहीं, उसने अपने पास भारतीय आधार कार्ड होने तक का दावा किया था.
यह भी पढ़ें: काठमांडू के नाइट क्लब और पब में जाना चाहती थी सीमा हैदर, इस वजह से कैंसिल कर दिया था प्लान
सीमा ने खुद को बताया था भारतीय
पोखरा की सृष्टि बस सर्विस के ऑफिस से आजतक को अहम जानकारी मिली है. इसमें बताया गया कि सीमा ने प्रीति बनकर बस में चार सीटें बुक कराई थीं. इसमें वह अपने चार बच्चों के साथ भारत आई थी. बस सर्विस के मैनेजर प्रसन्ना गौतम ने बताया कि सीमा ने बस पकड़ते हुए खुद को भारतीय बताकर अपना नाम प्रीति बताया था. आईडी के बारे में पूछे जाने पर उसने पूरे आत्मविश्वास से कहा था कि उसके पास भारतीय आधार कार्ड है.
भारतीय दोस्त से UPI के जरिए कराई पेमेंट
बस सर्विस मैनेजर ने बताया कि उसके (सीमा के) पास किराए का पेमेंट करने के लिए कम नेपाली मुद्रा थी, जिसके बाद उसने बचे हुए पैसे यूपीआई के जरिए करने के लिए भारत में अपने एक दोस्त (संभवत: सचिन) को फोन किया. उसके भारतीय दोस्त ने बचे हुए 6000 रुपये (नेपाली) यानी भारतीय करेंसी में 3750 रुपये का पेमेंट यूपीआई के जरिए किया था. सीमा ने नोएडा तक सफर करने के लिए 12 हजार नेपाली करेंसी की पेमेंट की थी.
यह भी पढ़ें: सचिन से मोहब्बत या साजिश की कहानी? सीमा भारत आने के लिए हर महीने करती थी 25 हजार की सेविंग
सीमा के भारतीय दोस्त ने मैनेजर को भेजे वॉयस नॉट्स
प्रसन्ना गौतम ने आजतक को बताया कि उसने (सीमा ने) यूपीआई पेमेंट के लिए भारतीय दोस्त से बात करने के लिए उनके ऑफिस का वाईफाई भी इस्तेमाल किया था. इसके बाद सीमा के भारतीय दोस्त (संभवत: सचिन) ने मैनेजर को यूपीआई पेमेंट की जानकारी शेयर की. साथ ही उसने कुछ वॉयस नोट्स भी भेजे. इन्हें सुनने पर आवाज सचिन से मिलती-जुलती लगती है.
काठमांडु में भी छिपाई थी अपनी पहचान
बता दें कि पबजी गेम में दोस्ती के बाद सीमा और सचिन की मुलाकात नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुई थी. तब वे होटल न्यू विनायक में रुके थे. दोनों को होटल का कमरा नंबर 204 मिला था. हालांकि आजतक की टीम जब होटल में पहुंची तो रिसेप्शन पर रखे रजिस्टर में इन दोनों का नाम नहीं मिला. इस दौरान रिसेप्शनिस्ट गणेश रोकामगर ने बताया कि सीमा और सचिन के रूम की बुकिंग उसी ने की थी. उस समय सचिन ने जरूर अपना कोई दूसरा नाम लिखवाया होगा, इसलिए रजिस्टर में नाम नहीं है. दोनों 7 दिनों तक यहां रुके थे और सीमा ने होटल में नहीं बताया था कि वह पाकिस्तानी है. दोनों को भारतीय ही समझा गया था.
होटल कर्मचारी के बच्चों के साथ खेलते थे सीमा-सचिन
होटल के कर्मचारी के बच्चों और परिजनों के साथ सीमा हैदर और सचिन मीणा की खूब बॉन्डिंग हो गई थी. रूम में दोनों रील भी बनाते थे. होटल कर्मी का कहना है कि सीमा हैदर और सचिन (Seema and Sachin) ने संभवतः शादी करने वाला वीडियो होटल के रूम में ही बनाया. काठमांडू में रहने के दौरान सीमा ने कभी किसी को ये नहीं बताया कि वो पाकिस्तान से आई है. बता दें कि यूपी एटीएस (UP ATS) ने 17-18 जुलाई को सीमा हैदर से करीब 18 घंटे तक पूछताछ की. इसके बाद एटीएस ने कहा कि सीमा की कहानी (PubG Love Story) सही भी हो सकती है. हालांकि अभी तक सीमा को क्लीन चिट नहीं दी गई है और मामले की जांच जारी है.
साल 2019 में पबजी से शुरू हुई थी लव स्टोरी
सीमा हैदर और सचिन मीणा की लव स्टोरी साल 2019 में ऑनलाइन वारगेम पबजी से शुरू हुई थी. गेम खेलते-खेलते दोनों ने नंबर एक्सचेंज किए और बातें होने लगीं. दोनों का प्यार इतना गहरा गया कि साथ रहने का फैसला कर लिया, जबकि सीमा पहले से शादीशुदा थी. इसके बाद सीमा और सचिन नेपाल में मिले. पहली बार मिलने आने पर सीमा अपने बच्चों को रिश्तेदारों के यहां छोड़कर आई थी.
चार जुलाई को गिरफ्तार हुई सीमा, 7 को मिल गई जमानत
ग्रेटर नोएडा पहुंचने के बाद सीमा सचिन के यहां रहने लगी. इसके बाद जब दोनों ने लीगल तौर पर शादी के लिए वकील से बात की और सीमा के दस्तावेज दिखाए तो वकील ने खबर पुलिस को दे दी. इसके बाद पुलिस ने सीमा और सचिन को 4 जुलाई को अरेस्ट कर लिया था. इसके बाद कोर्ट ने 7 जुलाई को कुछ हिदायतों और शर्तों पर रिहा कर दिया.
समर्थ श्रीवास्तव