आधी रात को खुद ही हथौड़े से तोड़ डाली अवैध मस्जिद... संभल में बुलडोजर एक्शन से पहले मुस्लिम समुदाय ने उठाया बड़ा कदम

संभल के सलेमपुर सालार गांव में सरकारी जमीन पर बनी मदीना मस्जिद को प्रशासन की कार्रवाई से पहले मस्जिद कमेटी ने खुद ही ध्वस्त कर दिया. तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 4 जनवरी को होने वाले बड़े बुलडोजर एक्शन से पहले ही स्थानीय लोगों ने हथौड़े चलाकर अवैध निर्माण हटा लिया.

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संभल में मस्जिद कमेटी ने खुद ही अवैध निर्माण ध्वस्त किया (Photo- Screengrab) संभल में मस्जिद कमेटी ने खुद ही अवैध निर्माण ध्वस्त किया (Photo- Screengrab)

अभिनव माथुर

  • संभल ,
  • 04 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:34 AM IST

Uttar Pradesh News: संभल जिले के सलेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर गांव में 4 जनवरी 2026 को प्रशासन द्वारा अवैध मस्जिद पर बुलडोजर चलाया जाना था. लेकिन मस्जिद कमेटी के लोगों ने प्रशासन के बुलडोजर एक्शन से पहले ही बीती रात 12 बजे के बाद 439 वर्ग मीटर में बनी मदीना मस्जिद को खुद ही ध्वस्त करना शुरू कर दिया. 

तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 31 राजस्व अधिकारियों की टीम और भारी पुलिस फोर्स सुबह 10 बजे मौके पर पहुंचने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही ढांचा मलबे में तब्दील हो गया. यह कार्रवाई 2018 से चल रही कानूनी प्रक्रिया और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि के बाद की गई है.

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आधी रात को खुद ही चलाने लगे हथौड़े

प्रशासन ने अवैध कब्जे को हटाने के लिए 4 जनवरी की तारीख तय की थी. खौफ का आलम यह था कि कार्रवाई से पहले ही मस्जिद कमेटी और मुस्लिम समुदाय के लोग खुद हथौड़े लेकर अवैध निर्माण गिराने लगे. बीती रात 12 बजे से शुरू हुई यह प्रक्रिया सुबह होते-होते पूरी हो गई और पूरी मस्जिद मलबे के ढेर में बदल गई. तहसीलदार ने कहा कि यदि लोग खुद कब्जा हटा रहे हैं, तो यह अच्छी बात है.

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का था आरोप

यह पूरा मामला एचौड़ा कंबोह थाना इलाके का है. तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मुतवल्ली हाजी शमीम पर 439 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद बनाने का आरोप था. 14 जून 2018 को दाखिल रिपोर्ट के बाद तहसीलदार न्यायालय में वर्षों तक सुनवाई चली. साक्ष्यों की गहन जांच के बाद अदालत ने भूमि को सरकारी घोषित करते हुए मुतवल्ली को बेदखल करने का फैसला सुनाया था.

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भारी फोर्स और बुलडोजर के साथ तैनात था प्रशासन

अवैध निर्माण हटाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी. मौके पर कई थानों की पुलिस, पीएसी (PAC) और आरआरएफ (RRF) की कंपनी, लेखपाल और कानूनगो की टीम तैनात थी. तीन बुलडोजर भी तैयार रखे गए थे. तहसीलदार के मुताबिक, प्रशासन की इसी सख्ती के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने बुलडोजर चलने से पहले ही खुद अवैध ढांचा गिरा दिया.

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