समाजवादी पार्टी को सीतापुर में बड़ी कानूनी राहत मिली है. सीतापुर स्थित पार्टी कार्यालय को खाली कराने के लिए नगर पालिका परिषद सीतापुर द्वारा जारी की गई नोटिस को अब वापस ले लिया गया है. नगर पालिका ने यह फैसला गुरुवार को लिया.
दरअसल, समाजवादी पार्टी सीतापुर की तरफ से इस नोटिस को इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में चुनौती दी गई थी. मामले की सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की डबल बेंच ने की. कोर्ट ने 21 जनवरी 2026 को सुनवाई करते हुए पार्टी कार्यालय को खाली कराने पर रोक लगा दी थी और नगर पालिका परिषद से जवाब तलब किया था. इसके साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जनवरी 2026 की तारीख तय की गई थी.
नगर पालिका की नोटिस से बढ़ा था विवाद
हाईकोर्ट के इस आदेश के तुरंत बाद नगर पालिका परिषद सीतापुर ने गुरुवार को अपनी नोटिस को वापस ले लिया. नोटिस वापस लिए जाने के बाद समाजवादी पार्टी को बड़ी राहत मिली है और फिलहाल पार्टी कार्यालय पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी.
समाजवादी पार्टी की ओर से इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह और गौरव मेहरोत्रा ने पक्ष रखा. उनके साथ अधिवक्ता वाली नवाज खान और उत्सव मिश्र भी कोर्ट में मौजूद रहे और पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा.
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लगाई थी रोक
पार्टी नेताओं का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश से साफ है कि बिना पूरी प्रक्रिया के किसी राजनीतिक दल के कार्यालय पर कार्रवाई नहीं की जा सकती. फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी.
समर्थ श्रीवास्तव