25 सेक्टर, 41 घाट और 102 पार्किंग... महाकुंभ का वह कितना एरिया है, जिसमें 10 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान

Mahakumbh Stampede: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में भगदड़ से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए. प्रयागराज में पहुंच रही भारी भीड़ के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. महाकुंभ में अब तक 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया गया. जानिए ये 10 करोड़ लोग कुंभ में कितने दायरे में मौजूद हैं.

Advertisement
महाकुंभ में उमड़े श्रद्धालु. (Photo: PTI) महाकुंभ में उमड़े श्रद्धालु. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • प्रयागराज,
  • 29 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 4:18 PM IST

Mahakumbh Mela Stampede: प्रयागराज महाकुंभ 2025 (Prayagraj Maha Kumbh 2025) में भगदड़ में दस मौतों के बाद प्रशासन अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है. घटना में कई लोग घायल हुए हैं. हादसे की दर्दनाक तस्वीरें सामने आई हैं. हालांकि समय रहते प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया है. प्रयागराज महाकुंभ में 8 से 10 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान बताया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि श्रद्धालु अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रयागराज में जिस नजदीकी घाट पर हैं, वहीं स्नान करें.

Advertisement

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन 4,000 हेक्टेयर (15,812 बीघा) में हो रहा है. इतनी जमीन पर इस वक्त करीब दस करोड़ लोग मौजूद हैं. यह एरिया 25 सेक्टरों में बांटा गया है. प्रशासन ने संगम तट पर 41 घाट तैयार किए हैं, जिनमें से 10 पक्के और 31 अस्थायी घाट हैं. महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. प्रशासन के अनुसार, अभी तक लगभग 10 करोड़ लोग महाकुंभ में पहुंच चुके हैं और लगातार संख्या बढ़ रही है.

प्रयागराज में 7 रास्तों से लोग एंट्री कर रहे हैं. महाकुंभ क्षेत्र में वाहनों के लिए प्रशासन ने 102 पार्किंग स्थल तैयार किए हैं. इनमें से 70 प्रतिशत पार्किंग स्नान घाट से 5 किलोमीटर के दायरे में है, जबकि 30 प्रतिशत पार्किंग 5-10 किलोमीटर के दायरे में है. इसके अलावा, 24 सैटेलाइट पार्किंग भी हैं, जिनमें से 18 मेला क्षेत्र में और 6 प्रयागराज शहर में स्थित हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Mahakumbh Stampede: 'हर तरफ से धक्का-मुक्की, भागने का मौका नहीं, गिरे तो फिर उठ ना सके', महाकुंभ भगदड़ पीड़ितों की आपबीती

महाकुंभ का सबसे महत्वपूर्ण स्थान संगम नोज है, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन होता है. इस वर्ष प्रशासन और सिंचाई विभाग ने आईआईटी गुवाहाटी के विशेषज्ञों की गाइडलाइन के अनुसार संगम नोज का क्षेत्रफल बढ़ाया है. अब यहां अतिरिक्त 2 हेक्टेयर स्थान विकसित किया गया है. इतने एरिया में 630 फोर-व्हीलर पार्क हो सकते हैं. यह क्षेत्र लगभग चार फुटबॉल मैदानों के बराबर है.

मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. इस दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कई घायल हो गए. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है और उनका समुचित इलाज किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन को हरसंभव मदद देने का निर्देश दिया है.

दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन

कुंभ मेला 12 साल में एक बार होने वाला सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें दुनियाभर से श्रद्धालु आते हैं. प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन और यातायात की रणनीति पर काम कर रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपने नजदीकी घाटों पर ही स्नान करें, संगम नोज तक पहुंचने की प्रयास न करें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement