जिस जगह को मासूमों की सबसे सुरक्षित शरणस्थली माना जाता है, वहीं से एक पांच महीने के बच्चे का गायब हो जाना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. यूपी के प्रतापगढ़ में बाबा उदित राज सेवा संस्थान द्वारा संचालित बाल शिशु गृह से चोरी हुआ बच्चा आखिरकार पुलिस की कोशिश और मेहनत के बाद सुरक्षित मिल गया. इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया कि अपहरण में बाल गृह की ही एक महिला कर्मचारी शामिल थी.
बाल गृह से बच्चे का अपहरण
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबित घटना 16 जनवरी की रात की है, जब सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत स्थित बाल शिशु गृह से पांच माह का शिशु अचानक लापता हो गया. बाल गृह के प्रबंधक कमलकांत शुक्ला ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की और कर्मचारी रीना उर्फ राधिका को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.
एसएसपी (पूर्वी) शैलेन्द्र लाल के अनुसार, पूछताछ के दौरान रीना ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मथुरा जिले के सुरीर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगला सपेरा गांव से दो अन्य आरोपियों आकाश उर्फ कान्हा और उदय सिंह को गिरफ्तार किया. इसी दौरान पुलिस ने अपहृत मासूम को भी सुरक्षित बरामद कर लिया.
मथुरा से सुरक्षित रिकवरी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे उचित देखरेख में रखा गया है. बच्चे के सुरक्षित मिलने की खबर से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली.
जांच में सामने आया कि इस वारदात को अंजाम देने में बाल गृह की कर्मचारी रीना की भूमिका अहम थी, जिसने भरोसे का फायदा उठाते हुए इस अपराध को अंजाम दिया. पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया है.
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