UP: ठगों ने FD कराने के नाम पर बैंक को ही लगा दिया 10 लाख का चूना, ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे

यूपी के बिजनौर में दो ठगों ने बैंक को ही एफडी करवाने के नाम पर दस लाख का चूना लगा दिया. बैंक मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे कुछ पैसे भी बरामद कर लिए हैं. इस मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि ठगों ने खुद को कार शोरूम का मालिक बताकर बैंक के मैनेजर को फोन किया था.

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बिजनौर में दो साइबर ठग गिरफ्तार बिजनौर में दो साइबर ठग गिरफ्तार

संजीव शर्मा

  • बिजनौर,
  • 09 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 5:06 PM IST

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा की एक शाखा से 10 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी एक गिरोह से जुड़े हुए थे. इस मामले में अभी भी गिरोह का एक सदस्य फरार है.

पुलिस ने पकड़ गए आरोपियों से दूसरे खाते में ट्रांसफर कराए गए 164000 नकद भी बरामद कर लिया है जबकि इनके बैंक खातों को फ्रिज कर दिया गया है, इन खातों में  तीन लाख 90000 रुपए मौजूद थे.

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आरोपियों से 48 मोबाइल फोन, 18 आधार कार्ड, पांच पैन कार्ड, पांच बैंक पासबुक, नौ बैंकों का चेक बुक, सोलर डेबिट कार्ड, 584 पासपोर्ट साइज के फोटो, तेरह ड्राइविंग लाइसेंस और 30 मोबाइल सिम कार्ड बरामद किए गए हैं.

यह सभी डाक्यूमेंट्स साइबर ठगी करने के लिए इस्तेमाल करते थे. पकड़े गए दोनों आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं. पुलिस उनके द्वारा ठगी के दूसरे मामलों की भी जांच कर रही है.

एसपी सिटी संजीव वाजपेई के अनुसार 21 अगस्त को बैंक ऑफ़ बड़ौदा के क्षेत्र प्रबंधक राजेश कुमार खरे ने साइबर थाने पर तहरीर दी थी और बताया कि उनकी बिजनौर में स्थित बैंक ऑफ़ बड़ौदा की शाखा से शाखा प्रबंधक शैलजा सिंगल के फोन पर एक कॉल आया.

बैंक को लगाया 10 लाख का चूना

इस कॉल पर अज्ञात व्यक्ति ने अपना नाम विवेक चौधरी बताया और कहा कि वो बिजनौर में हुंडई मोटर्स शोरूम का मालिक है. इसके बाद ठग ने कहा कि वो बैंक में 3 करोड रुपए की एफडी के तौर पर निवेश करना चाहता है. आरोपी ने 12 अगस्त को बैंक की ईमेल आईडी पर एक मेल भी भेजा कि उनकी चेक बुक खत्म हो गई है और तत्काल पैसे भेजने का अनुरोध किया.

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पकड़े गए दोनों ठग

इसके बाद दोनों ठगों ने आरटीजीएस ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 9,88,500 रूपये ट्रांसफर करवा लिए जिसके बाद बैंक मैनेजर को ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद बैंक की तरफ से आईटी एक्ट के तहत साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया और जांच शुरू की गई.

पुलिस ने आरोपियों द्वारा खुलवाए गए बैंक खातों की भी जांच की जिसमें तीन लाख नब्बे हजार रुपये मिले. पुलिस ने उनके बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया. पुलिस अब इनको दोबारा रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है.

 

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