उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर एक गंभीर मामले का खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार इन संदिग्धों के पास से हिंदू और मुस्लिम नाम के दो दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं. शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अपनी पहचान छुपाकर अलग अलग इलाकों में भीख मांगने का काम करते थे.
नगर कोतवाली पुलिस ने शनिवार शाम न्याजीपुरा क्षेत्र से भीख मांग रहे तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में खालिद, सद्दाम और तालिब शामिल हैं. खालिद और सद्दाम आपस में चाचा भतीजे हैं, जबकि तालिब उनका साथी है. पुलिस जांच में सामने आया है कि ये तीनों 1500 रुपये महीने के किराए पर एक कमरे में रह रहे थे और वहीं से अलग अलग इलाकों में जाते थे.
फर्जी आधार कार्ड का खेल
पुलिस पूछताछ में तीनों ने बताया कि जिस तरह का मोहल्ला होता था, उसी हिसाब से वे अपना नाम बदलकर भीख मांगते थे. इनके पास से हिंदू और मुस्लिम नाम के फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं. बताया गया है कि ये आधार कार्ड जल सुविधा केंद्र से बनवाए गए थे, जहां एक ही व्यक्ति के नाम से अलग अलग पहचान पत्र तैयार कराए गए.
एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह मामला इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर सामने आया. सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि आरोपी कैराना और बागपत के रहने वाले हैं और फिलहाल मुजफ्फरनगर में किराए पर रह रहे थे.
तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू
एसएसपी के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच आईबी, एसआईयू और एलआईयू को सौंपी गई है, ताकि इन संदिग्धों की गतिविधियों और असली मकसद की पूरी जांच की जा सके. पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड के आधार पर अभियोग दर्ज कर तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है. अन्य तथ्यों की भी गहराई से जांच की जा रही है.
संदीप सैनी