सरकारी कर्मचारियों को 'AI' सिखाएगी योगी सरकार... परफॉर्मेंस खराब हुई तो रुकेगा प्रमोशन!

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए. मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई.

Advertisement
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है (File Photo- PTI) मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है (File Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:14 PM IST

योगी सरकार अब प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक कौशल सिखाने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए और इसका सीधा असर उनके प्रमोशन और वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) पर पड़ेगा. प्रदर्शन संतोषजनक नहीं होने पर प्रमोशन पर इसका असर पड़ेगा.

Advertisement

मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई. बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने मिशन के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है. उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार कर आईगॉट (Integrated Government Online Training) पोर्टल पर अपलोड करें. सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य किया जाए.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभागीय और सरकारी संस्थानों के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में AI और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि डिजिटल युग की जरूरतों के अनुसार प्रशासन को अधिक सक्षम बनाया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी ट्रेनिंग सेंटर्स समयानुकूल कैपेसिटी बिल्डिंग पाठ्यक्रम विकसित करें.

Advertisement

बैठक में बताया गया कि आईगॉट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है. प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देशभर की कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है. वहीं, 10 लाख से अधिक कर्मचारियों ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा किया है.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आईगॉट के केस स्टडी प्लेटफॉर्म ‘अमृत ज्ञान कोश’ में प्रदेश की अच्छी कार्यप्रणालियों को भी शामिल किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञान, कौशल और सकारात्मक सोच के समन्वय से ही जनसेवा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार संभव है. सरकार का लक्ष्य एक दक्ष, जवाबदेह और टेक्नोलॉजी-सक्षम प्रशासन तैयार करना है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement