भारतीय पासपोर्ट के कारण पाकिस्तान न जा सकी सना, बच्चे सरहद पार पति के हवाले, रो-रोकर हुआ बुरा हाल

मेरठ की सना के पास भारतीय पासपोर्ट होने के कारण पाकिस्तान नहीं जाने दिया गया, जिससे उसे अपने 3 साल के बेटे और 1 साल की बेटी को अटारी बॉर्डर पर मजबूरी में पाकिस्तानी पति को सौंपना पड़ा. बच्चों से जुदा होकर सना फूट-फूट कर रोई. अब वह सरकार से गुहार लगा रही है कि उसे बच्चों से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की अनुमति दी जाए.

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तीन साल के बेटे और एक साल की बेटी से जुदा हुई मेरठ की सना तीन साल के बेटे और एक साल की बेटी से जुदा हुई मेरठ की सना

उस्मान चौधरी

  • मेरठ,
  • 06 मई 2025,
  • अपडेटेड 5:14 PM IST

दर्द और मजबूरी की एक मार्मिक कहानी सामने आई है मेरठ के सरधना से, जहां रहने वाली सना को अपने मासूम बच्चों से जुदा होना पड़ा. सना ने सोमवार को अपने 3 साल के बेटे और 1 साल की बेटी को पाकिस्तान भेज दिया. दोनों बच्चों के पास पाकिस्तानी पासपोर्ट था, जबकि सना भारतीय नागरिक है, इसलिए उसे सीमा पार जाने की अनुमति नहीं मिली.

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पाकिस्तान के कराची निवासी से हुई थी शादी
सना की शादी 2020 में पाकिस्तान के कराची निवासी एक युवक से हुई थी. वह हाल ही में 45 दिन के शॉर्ट टर्म वीजा पर अपने बच्चों के साथ भारत आई थी. इस दौरान पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने का निर्देश जारी किया.

25 अप्रैल को सना अपने बच्चों को लेकर अटारी बॉर्डर पहुंची थी, लेकिन भारतीय पासपोर्ट होने की वजह से उसे भारत में ही रोक दिया गया. नतीजतन सना को बच्चों के साथ मायके लौटना पड़ा.

अटारी बॉर्डर से वापस लौटना पड़ा
हालात से मजबूर सना ने सोमवार को दोबारा अटारी बॉर्डर का रुख किया और अपने दोनों बच्चों को पाकिस्तान में मौजूद पति को सौंप दिया. बच्चों को विदा करते समय सना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. अब सना अपने मायके सरधना लौट आई है और सरकार से अपील कर रही है कि उसे भी पाकिस्तान जाने की अनुमति दी जाए, ताकि वह अपने बच्चों के साथ रह सके.

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सना और उसका परिवार अब केंद्र सरकार से इस मसले को सुलझाने की गुहार लगा रहे हैं ताकि एक मां को अपने बच्चों से दोबारा मिलाया जा सके.

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