Lucknow : बसपा सुप्रीमो मायावती की दो टूक, कहा- 'पार्टी छोड़ने वालों की अब वापसी नहीं'

बसपा छोड़कर दूसरी पार्टी में गए नेताओं का वापस बसपा में अब सपना ही रह जाएगा. बसपा सुप्रीमो मायावती ने दो टूक कहा है कि बसपा छोड़कर गए लोगों को वापस पार्टी में लाने का सवाल ही खड़ा नहीं होता. जो पार्टी छोड़कर जा चुका है अब वह वापस नहीं आ सकता है.

Advertisement
बसपा सुप्रिमो मायावती. बसपा सुप्रिमो मायावती.

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 15 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 2:23 PM IST

बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती आज अपना 67वां जन्मदिन मना रही हैं. अपने जन्मदिवस के मौके पर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ी-बड़ी घोषणाएं की हैं. उन्होंने कहा है कि बहुजन समाज पार्टी (BSP) साल 2023 में होने वाले सभी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. इसके साथ ही 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बीएसपी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी. 

इस दौरान एक और बड़ी घोषणा कर दी है, जिसके कारण उन लोगों को परेशानी हो सकती है जो बसपा छोड़कर दूसरी पार्टी में जा चुके हैं और अब फिर से बसपा में शामिल होना चाहते हैं. जब मायावती से यह पूछा गया कि क्या पार्टी छोड़कर गए पुराने नेताओं को फिर से बसपा में शामिल किया जाएगा तो उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए कहा, ''जो नेता पार्टी छोड़ कर जा चुके हैं, जो दूसरे दलों में इधर से उधर घूम रहे हैं उन्हें बीएसपी वापस नहीं लेगी, जिनका कमिटमेंट बाबा साहब के विचारों और मान्यवर कांशीराम के मिशन से अलग हो चुका है, उन्हें वापस लेने का सवाल ही नहीं.''

Advertisement

बीएसपी अपने स्टैंड से टस से मस नहीं

मायावती इस वक्त ऐतिहासिक रूप से सबसे कम वोट प्रतिशत पर खड़ी हैं. उनके पास विधायक के नाम पर सिर्फ एक विधायक है. मगर, बीएसपी अपने स्टैंड से टस से मस होती नहीं दिखाई दे रही हैं. साथ ही मायावती ने बसपा छोड़कर गए नेताओं के प्रति अपना रुख और भी कड़ा कर लिया है.

मायावती ने की थी ओपी राजभर की तारीफ

हाल के दिनों में कई नेताओं ने मायावती की जमकर तारीफ की थी, जिसमें एक नाम ओमप्रकाश राजभर का भी है. ओमप्रकाश राजभर लगातार मायावती और बसपा की तारीफ कर रहे हैं. यहां तक कि वह कह चुके हैं कि वह बसपा के साथ गठबंधन भी करना चाहते हैं. कई नेता जो सपा और कांग्रेस में हैं वह भी बीएसपी लौटने के ख्वाहिशमंद थे, लेकिन मायावती ने साफ कर दिया पार्टी से गए नेताओं की वापसी नहीं होगी.

Advertisement

वहीं, पसमांदा पॉलिटिक्स को लेकर भी मायावती ने अपना रुख साफ किया उनके मुताबिक पसमांदा और मुसलमान दोनों को अलग-अलग नहीं किया जा सकता है. मुसलमान पहले मुसलमान होता है उसके बाद पसमांदा. 

बहरहाल मायावती की कॉन्फ्रेंस से एक बात साफ हो गई कि देश में सभी दलों को एक साथ लाने या विपक्ष का एक गठबंधन बनाने की कवायद फिलहाल सफल होती नहीं दिख रही है.

मायावती की मांग- बैलेट पेपर से कराए जाएं चुनाव

वहीं देश में ईवीएम से चुनाव कराए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि देश की जनता के मन में ईवीएम को लेकर आशंकाएं हैं. इसे दूर करने के लिए बेहतर होगा कि आगे के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement