मायावती ने अपने उत्तराधिकारी आकाश आनंद को पद से क्यों हटाया? सबके अपने-अपने तर्क

बीएसपी सुप्रीमो मायावती को आकाश आनंद से पद से हटाए जाने के फैसले पर अलग-अलग दलों की प्रतिक्रियाएं हैं. एक ओर बीजेपी ने कहा कि आकाश आनंद गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे थे, इसलिए एक्शन लिया गया है. वहीं सपा-कांग्रेस का कहना है कि आकाश लगातार बीजेपी से सवाल पूछ रहे थे, इसलिए उन्हें हटाया गया है.

Advertisement
आकाश आनंद को पद से हटाए जाने पर अलग-अलग दलों की प्रतिक्रिया आई है. आकाश आनंद को पद से हटाए जाने पर अलग-अलग दलों की प्रतिक्रिया आई है.

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 08 मई 2024,
  • अपडेटेड 9:38 AM IST

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव के बीच अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के नेशनल कोओर्डिनेटर और अपने उत्तराधिकारी पद से हटा दिया है. मायावती ने उन्हें पिछले साल दिसंबर में ही अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था. बीएसपी चीफ के इस फैसले पर सभी पार्टियों के अपने-अपने तर्क हैं. 

पूर्व सीएम के इस फैसले पर बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि मायावती बहुजन समाज पार्टी को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाती हैं और इसीलिए जब उनके जी में जो आता है और वह जो निर्णय करना चाहती हैं वैसा निर्णय कर देती हैं क्योंकि वहां सिर्फ एक ही हैं जो वो चाहती हैं वही होता है. 

Advertisement

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, "आकाश आनंद जिस तरीके से गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे थे और भाजपा को लेकर अपमानजनक टिप्पणी कर रहे थे. इसको लेकर जनता के बीच आक्रोश उत्पन्न हो रहा था और इसी नाते मायावती जी ने इस बात को महसूस किया और इसलिए आकाश आनंद को तमाम जिम्मेदारियां से मुक्त करने का काम किया, लेकिन मायावती जोकि बहुजन समाज पार्टी को एक मिशन की तरह माना करती थीं जो अब कमीशन में तब्दील हो गया है. क्या वह इसमें कुछ बदलाव कर पाएंगी? क्या परिवार के अलावा किसी सामान्य दलित को पार्टी की कमान सौंप पाएंगी? यह आने वाले समय में देखा जाएगा कि मायावती जी परिवारवाद से मुक्त हो पाएंगी या नहीं." 

आकाश आनंद के आक्रामक तेवर या फिर खुद की विरासत बचाने की कवायद? मायावती के फैसले की INSIDE STORY 

Advertisement

आकाश आनंद को हटाए जाने पर सपा क्या बोली? 

वहीं सपा ने आरोप लगाया है कि बसपा और भारतीय जनता पार्टी का अघोषित गठबंधन है, जिसको जनता देख रही है क्योंकि जिस तरीके से बसपा के टिकट का बंटवारा हुआ और कई उम्मीदवारों को बदलने का फैसला लिया गया. इसमें कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव नजर आता है. 

सपा प्रवक्ता फखरूल चांद हसन ने कहा, "आज जिस तरीके से आकाश आनंद को उनके पदों से बर्खास्त किया गया है. यह इसी को दर्शाता है. वह आकाश आनंद जो जो बसपा के उत्तराधिकारी थे और भारतीय जनता पार्टी से लगातार सवाल पूछ रहे थे और सवाल भाजपा को चुभ भी रहे थे, ऐसे में मायावती जी ने आकाश आनंद को पद से मुक्त करके यह बात जग जाहिर कर दी है कि बसपा और भाजपा अघोषित गठबंधन है. जनता सब देख रही है और जवाब देने का काम इस चुनाव में करेगी." 

मायावती की पॉलिटिक्स में मिसफिट, भीड़ के सामने आपा खोना... जानें क्यों आकाश आनंद को पड़ा उत्तराधिकार से हाथ धोना

कांग्रेस का क्या कहना है? 

वहीं कांग्रेस का कहना है कि मायावती जी किसको किस पद पर रखती हैं और किसको हटाती हैं वह उनका आंतरिक मामला है, लेकिन आकाश आनंद को कोऑर्डिनेटर के पद से हटाते हुए और जो एक शब्द का इस्तेमाल किया गया है कि वह अभी एमेच्योर हैं तो इसपर मायावती जी के निर्णय पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं. अगर वह एमेच्योर थे तो उन्हें फिर कोऑर्डिनेटर क्यों बनाया गया? 

Advertisement

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि आकाश आनंद जमीनी भाषण दे रहे थे और बहुजन समाज की बात करने लगे, साथ ही भाजपा को घेरने लगे तभी उनको पद से हटा दिया गया तो ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं जिस तरीके से टिकट बदल रही हैं मायावती जी और अब आकाश आनंद जी को हटाया है तो ऐसे में भाजपा से मिलीभगत स्पष्ट परिलक्षित हो रहा है. अगर भाजपा से समझौता करना है तो खुलके कर लीजिए बंद कब्बडी मत खेलिए. कभी जौनपुर का टिकट बदल रही हैं तो कभी बस्ती का टिकट चेंज कर रही हैं. इसलिए यह स्पष्ट हो गया है कि बीएसपी भारतीय जनता पार्टी के लिए B टीम के तौर पर काम कर रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement