'BSP अकेले लड़ेगी हर चुनाव, 2027 में अपने दम पर बनाएंगे सरकार', मायावती का बड़ा ऐलान

मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन पर कहा कि बहुजन समाज पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समेत देशभर के सभी चुनाव अकेले लड़ेगी और किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता एक बार फिर बीएसपी को सत्ता में लाने के मूड में है और पार्टी पांचवीं बार प्रदेश में सरकार बनाएगी.

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मायावती ने EVM पर चिंता जताई और पिछले चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाया. (File Photo: ITG) मायावती ने EVM पर चिंता जताई और पिछले चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाया. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:44 PM IST

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी देशभर के सभी छोटे-बड़े चुनाव, जिनमें 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी शामिल है, अकेले लड़ेगी. लखनऊ में अपने 70वें जन्मदिन पर प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि 'किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा और बीएसपी अपने दम पर उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी'.

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'गठबंधन उस पार्टी से होगा जो...'

मायावती ने कहा, 'पार्टी ने यह तय किया है कि सभी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ना ही अधिक उपयुक्त है. इस पर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए.' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में अगर किसी दल के साथ ऐसा भरोसेमंद गठबंधन संभव हुआ, जो खासकर सवर्ण वोटों का प्रभावी ट्रांसफर बीएसपी को कर सके, तो उस पर सकारात्मक फैसला लिया जा सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति बनने में सालों लगेंगे.

'जनता बीएसपी को सत्ता में लाने के मूड में'

बीएसपी प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता एक बार फिर 2027 में बीएसपी को सत्ता में लाने के मूड में है. उन्होंने कहा, 'पार्टी पहले चार बार राज्य में सरकार बना चुकी है और कार्यकर्ता पूरी ताकत से पांचवीं सरकार बनाने में जुटे हैं.' उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस और अन्य दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि 'बीएसपी उन्हें करारा जवाब देगी'.

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मायावती ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को लेकर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि 'पिछले चुनावों में गड़बड़ी और बेईमानी हुई है'. उन्होंने कहा, 'ईवीएम के खिलाफ देशभर में विरोध बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद बीएसपी पूरी मजबूती से चुनाव लड़ती रहेगी.'

कांशीराम की उपेक्षा का आरोप

उन्होंने पिछली सरकारों पर बीएसपी संस्थापक कांशीराम की उपेक्षा का आरोप लगाया और कहा कि उनके निधन पर राष्ट्रीय शोक तक घोषित नहीं किया गया. मायावती ने मुसलमानों और अन्य समुदायों के साथ अन्याय का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीएसपी शासन में कभी सांप्रदायिक दंगे नहीं हुए और यादव समेत सभी वर्गों का ध्यान रखा गया.

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