उत्तर प्रदेश के मथुरा में बुधवार (11 अगस्त) को राधा अष्टमी उत्सव समारोह से पहले बरसाना शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. डीएम शैलेंद्र सिंह ने कहा कि सुरक्षा से समझौता किए बिना, लाखों श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन कराने का हर संभव प्रयास किया जाएगा. इस अवसर पर लाडली मंदिर में देवी के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी. बरसाना को सात जोन और 16 सेक्टर में बांटा गया है. जोन के प्रभारी वरिष्ठ स्तर के अधिकारी और सेक्टर के प्रभारी एसडीएम स्तर के अधिकारी होंगे.
डीएम ने न्यूज एजेंसी को बताया कि अपर जिला मजिस्ट्रेट योगानंद पांडे को मेला अधिकारी बनाया गया है और एसपी ग्रामीण त्रिगुण बिशन को मेले की सुरक्षा का प्रभार दिया गया है. मेले में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुल सात अपर एसपी, 34 सर्किल ऑफिसर, 78 इंस्पेक्टर, 290 सब-इंस्पेक्टर, 1,400 कांस्टेबल, 375 होमगार्ड और पीएसी की दो कंपनियां तैनात की गई हैं.
उन्होंने कहा कि मंदिर के अंदर सादे कपड़ों में महिला कांस्टेबलों सहित कुछ कर्मियों को तैनात किया जाएगा ताकि चेन स्नैचिंग, जेबकतरी और मोबाइल फोन चोरी को रोका जा सके.
अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन कैमरों के साथ 52 सीसीटीवी असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगे. डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए, बरसाना में तीन प्रमुख 'कुंडों' (तालाबों) के आसपास कांटेदार बाड़ लगाई गई है. इसके अलावा, बरसाना की ओर जाने वाले विभिन्न प्रवेश बिंदुओं पर 48 पार्किंग प्वाइंट बनाए गए हैं.
अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रियों को छोटे-छोटे समूहों में मंदिर भेजा जाएगा. तीर्थयात्रियों के प्रवाह (भीड़) को नियंत्रित करने के लिए 86 अवरोध (बैरिकेड) स्थापित किए गए हैं.
वहीं, लाडली मंदिर के पुजारी रास बिहारी गोस्वामी ने कहा कि राधा अष्टमी का मुख्य समारोह बुधवार को सुबह 4 बजे लाडली मंदिर में शुरू होगा. दोपहर में, देवता को एक तात्कालिक रथ पर मंदिर की छतरी तक ले जाया जाएगा. बुधवार दोपहर को हेलीकॉप्टर से भगवान पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाई जाएंगी.
मथुरा में हाल ही में मनाए गए कृष्ण जन्म उत्सव के बाद राधारानी के जन्म के भव्य उत्सव की तैयारियां चल रही हैं. 11 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त में राधारानी का विशेष महाभिषेक (अनुष्ठान स्नान) किया जाएगा. फिर शाम को उन्हें सोने की पालकी पर बिठाया जाएगा, ताकि भक्त सफेद छत्र के नीचे से उनके दर्शन कर सकें.
उत्सव की शुरुआत सोमवार को ऊंचा गांव में एक पहाड़ी पर स्थित ललिता मंदिर में ललिता जी के अभिषेक के साथ हुई. पुजारी द्वारा घी, दूध, दही, चीनी और शहद सहित पंचामृत से अभिषेक किए जाने पर मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी.
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