लखनऊ के शलभ को गाजी ने भाविका बनकर फंसाया, फिर ऐंठ लिए 1.92 करोड़ रुपये

लखनऊ में एक साइबर शातिर ने पहले एक व्यक्ति से वाट्सऐप पर चैट शुरू की. फिर इन्वेस्टमेंट के नाम पर अच्छा रिटर्न दिलाने के बदले 1.92 करोड़ रुपये ठग लिए. फिलहाल मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

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लखनऊ में व्यक्ति से 1.92 करोड़ रुपये की ठगी. (Photo: Representational ) लखनऊ में व्यक्ति से 1.92 करोड़ रुपये की ठगी. (Photo: Representational )

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

लखनऊ के एक आदमी के लिए एक महिला के साथ WhatsApp पर शुरू हुई दोस्ती घातक साबित हुई. जिसके चलते उसे 1.92 करोड़ रुपये गंवाने पड़ गए. वहीं बाद में उसे तब और दुख हुआ, जब पता चला कि जिससे वह बात कर रहा था वह पुरुष था. क्योंकि आदमी ने उसे नकली स्कीमों में पैसे लगाकर लुभाने के लिए एक महिला होने का नाटक किया था. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.

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भाविका शेट्टी बनकर करता था बात

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पुलिस ने आरोपी इमरान गाजी (34) को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी यहां गुडंबा पुलिस स्टेशन इलाके के मिश्रीपुर डिपो का रहने वाला है. शलभ पांडे ने 2 जून, 2025 को शिकायत दर्ज कराई कि एक महिला, जिसने खुद को भाविका शेट्टी बताया था. पहले उसने वाट्सऐप पर उससे दोस्ती की और धीरे-धीरे उसे ऊंचे रिटर्न का वादा करके पैसे इन्वेस्ट करने के लिए राजी किया.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में 180 करोड़ के साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़, दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि उसने अलग-अलग बैंक खातों में 1.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए और बाद में पता चला कि यह एक साइबर फ्रॉड था. जिसके बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) (कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग करके पहचान छिपाकर धोखाधड़ी) के तहत FIR दर्ज की गई.

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पुलिस ने आरोपी किया गिरफ्तार, खाते में मिले 54 लाख रुपये

अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद पुलिस टीम ने मंगलवार को गाजी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका एक्सिस बैंक खाता फ्रीज होने के बाद उसने जाली आधार और पैन कार्ड बनवाए. फिर अपने एक साथी, शहजाद की मदद से धोखाधड़ी के पैसे लेने के लिए कई बैंक खाते खोले.

पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी की गई रकम में से 54 लाख रुपये गाजी के खातों से रूट किए गए थे. इसी खाते में एक महीने के अंदर करीब 1.52 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन दिखाए गए थे. आरोपी के पास से जाली पहचान पत्र बरामद किए गए हैं. अधिकारी ने कहा कि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है. 

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