कानपुर में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी यूट्यूबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं, घटना में शामिल बताया जा रहा दारोगा अमित मौर्य अब भी फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दे रही है.
मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण के संकेत, गैंगरेप की धारा जोड़ी गई
किशोरी की मेडिकल जांच में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे डॉक्टरों ने यौन शोषण की संभावना से इनकार नहीं किया है. रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले में गैंगरेप की धारा बढ़ा दी है. फोरेंसिक जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं और पीड़िता की उम्र की पुष्टि के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है.
FIR दर्ज करने में गंभीर लापरवाही आई सामने
जांच में खुलासा हुआ है कि सचेंडी थाना प्रभारी रहे इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने शुरुआती एफआईआर महज छह लाइनों में दर्ज की थी. आरोप है कि घटना के कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया. लापरवाही पाए जाने पर इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया और मामले की जांच एडीसीपी कपिल देव सिंह को सौंपी गई.
काली स्कॉर्पियो से अगवा कर ले जाने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, सचेंडी क्षेत्र के एक गांव की 14 वर्षीय किशोरी को आरोपी यूट्यूबर शिवबरन यादव काली स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर ले गया. इसके बाद उसे झांसी रेलवे लाइन के पास ले जाकर दुष्कर्म किया गया. शुरुआत में मामला एक आरोपी का था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सामूहिक दुष्कर्म की आशंका सामने आई.
कोर्ट पहुंची पीड़िता, बयान दर्ज नहीं हो सके
गुरुवार सुबह किशोरी अपने बयान दर्ज कराने कोर्ट पहुंची, लेकिन जांच अधिकारी समय पर पेश नहीं हुए. करीब तीन घंटे इंतजार के बाद कोर्ट ने पाया कि नाबालिग होने के बावजूद पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है.
कोर्ट की नाराजगी, पॉक्सो में केस दर्ज करने के निर्देश
जज ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि पहले पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज की जाए, उसके बाद ही पीड़िता के बयान कराए जाएं. कोर्ट की नाराजगी के चलते उस दिन किशोरी के बयान दर्ज नहीं हो सके.
दारोगा की लोकेशन प्रयागराज में मिली, कई टीमें रवाना
फरार दारोगा अमित मौर्य की लोकेशन प्रयागराज में मिलने के बाद पुलिस की दो टीमें वहां भेजी गई हैं. इसके अलावा एक टीम वाराणसी भी रवाना की गई है. इससे पहले क्राइम ब्रांच ने लखनऊ में भी कई ठिकानों पर दबिश दी थी.
दो महीने पहले खरीदी थी स्कॉर्पियो
जांच में सामने आया है कि दारोगा अमित मौर्य ने करीब दो महीने पहले स्कॉर्पियो खरीदी थी. उस पर पहले से ही तेल चोरी करने वाले गिरोह और अवैध जुएं से जुड़े लोगों से संपर्क के आरोप लग चुके हैं.
परिवार का आरोप: आरोपी को बचाने की कोशिश
पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया कि आरोपी पुलिस विभाग से जुड़ा होने के कारण केस को जानबूझकर कमजोर किया गया. उनका कहना है कि परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है और लगातार धमकियां मिल रही हैं.
सिमर चावला