इंश्योरेंस स्कैम: जिसका बीमा कराते, खुद ही उसे निपटा देते... करोड़ों का क्लेम हड़पने वाले गैंग पर एक्शन

यूपी के संभल में मुर्दों और बीमार लोगों के नाम पर करोड़ों का इंश्योरेंस क्लेम हड़पने वाले गैंग पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है. गैंग के सरगना सहित तीन मुख्य आरोपियों की करीब 12 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. इस गिरोह ने हत्या को हादसा दिखाकर भी करोड़ों रुपये बटोरे थे.

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फर्जी बीमा गिरोह के तीन लोगों की करीब 12 करोड़ की संपत्ति जब्त (Photo- Screengrab) फर्जी बीमा गिरोह के तीन लोगों की करीब 12 करोड़ की संपत्ति जब्त (Photo- Screengrab)

अभिनव माथुर

  • संभल ,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:12 PM IST

Uttar Pradesh News: संभल पुलिस ने फर्जी बीमा गिरोह के सरगना ओंकारेश्वर मिश्रा और मुख्य आरोपी सचिन शर्मा सहित तीन लोगों की 11 करोड़ 89 लाख 51 हजार रुपये की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की है. संभल, बदायूं और नोएडा में फैली इन संपत्तियों पर प्रशासन ने मंगलवार को ढोल बजवाकर मुनादी करते हुए कुर्की की कार्रवाई की. 

यह गिरोह मर चुके या गंभीर रूप से बीमार लोगों का फर्जी बीमा करवाकर क्लेम हड़पता था और कई मामलों में तो हत्या कर उसे सड़क हादसा करार देता था. एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के निर्देश पर एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में यह बड़ी कार्रवाई बनारस से लेकर गौतमबुद्धनगर तक की जा रही है.

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ढोल-नगाड़ों के साथ कुर्क हुई संपत्तियां

संभल की गुन्नौर तहसील में जब पुलिस और प्रशासन की टीमें ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचीं, तो हड़कंप मच गया. पुलिस ने आरोपी सचिन शर्मा और उसके भाई गौरव शर्मा की 6 अलग-अलग संपत्तियों को चिन्हित कर मुनादी करवाई. सचिन और गौरव की संभल, बदायूं और नोएडा में करीब 9 करोड़ 18 लाख की संपत्तियां कुर्क की गई हैं. गैंग का नेटवर्क इतना बड़ा था कि पुलिस की एक टीम बनारस में मास्टरमाइंड ओंकारेश्वर मिश्रा की 1 करोड़ 26 लाख की प्रॉपर्टी जब्त करने पहुंची है, जबकि एक टीम नोएडा के लिए रवाना हुई है.

बीमारों का बीमा और हत्या का खौफनाक खेल

जनवरी 2025 में इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ था, जिसके बाद 70 आरोपियों को जेल भेजा गया. जांच में सामने आया कि यह गैंग कैंसर और टीबी जैसी बीमारियों से मरणासन्न लोगों को ढूंढता था और बैंक व इंश्योरेंस कर्मियों की मिलीभगत से उनका बीमा करवा देता था. सबसे चौंकाने वाला तरीका हत्या का था, जिसमें नौजवानों का बीमा कराकर उनकी हत्या की जाती और उसे एक्सीडेंट का रूप दिया जाता था. इस तरह गिरोह ने करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का इंश्योरेंस स्कैम अंजाम दिया था.

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12 राज्यों में सक्रिय था जालसाजों का नेटवर्क

एएसपी अनुकृति शर्मा के अनुसार, यह गिरोह 12 से अधिक राज्यों में सक्रिय था. इसमें आशा वर्कर से लेकर बैंक कर्मचारी और जन सेवा केंद्र संचालक तक शामिल थे, जो मृत या बीमार लोगों की जानकारी देते थे. गिरोह पर संभल, मुरादाबाद, बदायूं और एटा में कुल 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. हत्या वाले मामलों में ही 18 लोग गिरफ्तार किए गए थे. अब पुलिस ने अपराध से अर्जित इन काली संपत्तियों को जब्त कर अपराधियों की कमर तोड़ दी है.

58 कंपनियों के साथ मिलकर बनाया प्लान 

इस महाघोटाले के खुलासे के बाद संभल पुलिस ने देश की 58 बड़ी बीमा कंपनियों के साथ चंदौसी में एक बड़ा कॉन्क्लेव आयोजित किया था. इसमें वित्त मंत्रालय की वित्तीय सेवा विभाग की निदेशक भी ऑनलाइन शामिल हुई थीं. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसे इंश्योरेंस फ्रॉड को रोकने के लिए एक मजबूत एसओपी (SOP) तैयार करना था. पुलिस और कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर चर्चा हुई ताकि जालसाजी के इस नेक्सस को पूरी तरह खत्म किया जा सके.

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