Varanasi: भगवान को भीषण गर्मी से बचाने के लिए मंदिरों में लगाए गए AC और कूलर

काशी के मंदिरों में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए न सिर्फ AC और कूलर का प्रबंध किया गया है, बल्कि उन्हें हल्के सूती कपड़े पहनाए गए हैं. जैसे ही गर्मी का सितम बढ़ता है, वैसे ही काशी के मंदिरों में भगवान के लिए ऐसी व्यवस्था कर दी जाती है. ठंड के मौसम में भगवान को ऊनी वस्त्र, टोपी पहनाने साथ कंबल उढ़ाया जाता है.

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भगवान को गर्मी से बचाने के लिए AC और कूलर लगाए गए भगवान को गर्मी से बचाने के लिए AC और कूलर लगाए गए

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी ,
  • 15 जून 2023,
  • अपडेटेड 4:25 PM IST

देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है. इन दिनों करीब आधा हिंदुस्तान भीषण गर्मी की चपेट में है. कई इलाकों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस हो गया है. भयंकर गर्मी इंसान के साथ भगवान को भी परेशान कर रही है.

काशी के मंदिरों में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए न सिर्फ AC और कूलर का प्रबंध किया गया है, बल्कि उन्हें हल्के सूती कपड़े पहनाए गए हैं. दरअसल, भक्तों और भगवान के बीच में आस्था का गहरा संबंध है. भक्तों का ऐसा मानना है कि जैसे उन्हें भूख-प्यास और सर्दी-गर्मी लगती है, वैसे ही भगवान को भी महसूस होता होगा.    

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भगवान को गर्मी से बचाने के लिए खास इंतजाम

जैसे ही गर्मी का सितम बढ़ता है, वैसे ही काशी के मंदिरों में भगवान के लिए ऐसी व्यवस्था कर दी जाती है. ठंड के मौसम में भगवान को ऊनी वस्त्र, टोपी पहनाने साथ कंबल उढ़ाया जाता है. इन दिनों वाराणसी का तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका है.

पारा 43-45 डिग्री के बीच बना हुआ है. ऐसे में वाराणसी के लोहटिया इलाके के बड़ा गणेश मंदिर में तो भगवान गणेश के लिए AC का विशेष प्रबंध कर दिया गया है, ताकि गौरी पुत्र गणेश को गर्मी न लगे.

भगवान गणेश के लिए AC का विशेष प्रबंध किया गया

उसी इलाके के रामजानकी मंदिर में भी गर्भगृह में कूलर लगाया गया है. बड़ा गणेश मंदिर के पुजारी रामचंद्र तिवारी बताते हैं कि इस वक्त वाराणसी में गर्मी 43-45 डिग्री सेल्सियस के बीच है.  गर्मी बर्दाश्त के बाहर है.

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जिस तरह इंसान को गर्मी लगती है, उसी तरह भगवान को भी गर्मी लगती है. वहीं, राम जानकी मंदिर के पुजारी देवेंद्र नाथ चौबे ने बताया कि गर्मी को देखते हुए मंदिर में भगवान के लिए AC, कूलर, पंखा और सूती वस्त्र की व्यवस्था की गई है.   

वहीं, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का भी यही मानना है कि जीव-जंतुओं की तरह भगवान को भी सर्दी-गर्मी का एहसास होता है. इस वक्त वाराणसी की गर्मी चरम पर है. आगे राहत भी मिलती दिखाई नहीं दे रही है. दिन में लोगों का निकलना बेहद मुश्किल हो गया है. 

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