उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-150 टी प्वाइंट के पास बेसमेंट में भरे पानी में कार समेत डूबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने रविवार को दो बिल्डर कंपनी एमजेड विशटाउन प्लानर्स व लोटस ग्रीन खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मामले में मृतक के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर बिल्डर के खिलाफ बीएनएस की धारा-105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (1)(किसी व्यक्ति के द्वारा की गई लापरवाही या जल्दबाजी से किसी व्यक्ति की मृत्यु, धारा-125 (मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने) की धाराओं में केस दर्ज किया है. मामले में प्राधिकरण की मिट्टी का ढेर लगवाने के साथ लोहे की 10 फीट चौड़ी और सात फीट ऊंची बैरिकेड लगवाने के साथ जर्सी बैरियर रखवाए गए हैं.
वहीं सेक्टर-150 टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के निवासियों ने रविवार को घटना के विरोध के संबंध में कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया. निवासियों ने मामले में लापरवाही बरतने वाले बिल्डरों के साथ प्राधिकरण के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
दिखाई नहीं दे रहा था, टॉर्च जलाकर बोला- यहां हूं पापा
वहीं आज तक से बात करते हुए युवराज के पिता ने दर्द और बेबसी की पूरी कहानी बताई. उन्होंने बताया कि उन्हें रात के 12 बजे बेटे का फोन आया कि उसकी गाड़ी नाले में जा गिरी है. जिसके बाद वह अपने बेटे को ढूंढते हुए 12.40 तक उस जगह पर पहुंचे तो ज्यादा फॉग होने के कारण उन्हें अपना बेटा नहीं दिखाई दे रहा था . तब उनके बेटे ने फोन की टॉर्च जलाकर अपने पानी में होने के सबूत दिए.
'केवल देखते रहे सारे बचाव दल'
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी पुलिस के साथ एनडीआरएफ की टीम और एसडीआरएफ की टीम ,साथ ही दमकल की टीम भी मौके पर पहुंची. लेकिन उनके पास पर्याप्त साधन नहीं थे . वह केवल देखते रहे. टीमों ने पानी ठंडा होने का कारण और पानी के अंदर सरिया होने के कारण नहीं जाने की बात कही. जिस कारण उनकी आंखों के सामने ही उनके बेटे की जान चली गई. उन्होंने अब अपनी शिकायत में प्राधिकरण के ऊपर भी आरोप लगाए हैं . हालांकि चश्मदीद मोनिंदर नाम के लड़के ने पानी के अंदर जाकर देखने की कोशिश की तब तक काफी देर हो चुकी थी. उसने भी अपने बयान में सब आप बीती सुनाई.
50 फीड गड्ढे के किनारे न कोई बैरिकेडिंग, न रिफ्लेक्टर
पुलिस को दी तहरीर में टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी निवासी मृतक के पिता राज कुमार मेहता ने बताया कि बेटे की कार गहरे पानी में गिर गई थी. यह प्लॉट सेक्टर-150 के एमजेड विशटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड का है. जमीन लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की थी. जहां लगभग 50 फुट गहरा गड्डा खोदा गया था. उसमें पानी था. प्लॉट पर कोई बैरिकेडिंग व रिफ्लेक्टर नहीं था. जिसके कारण यह घटना हुई. एमजेड विशटाउन प्लॉनर और डेवलपर आर्टच डेवलपर की ओर से गंभीर लापरवाही हुई है.
न रस्सी पहुंची न क्रेन, देखते- देखते डूब गया बेटा
पिता ने बताया कि सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल के कर्मियों ने पहले रस्सी फेंककर ही बचाव का प्रयास किया. मगर रस्सी उस तक नहीं पहुंची. जो क्रेन भी मंगवाई गई वह भी उस तक नहीं पहुंच पाई. देर होती चली गई और मौके पर कोई गोताखोर भी नहीं पहुंचा. इस कारण बेटा उनकी आंखों के सामने ही कार सहित डूब गया. बाद में सफलता नहीं मिलते देख एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया. कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद उन्होंने युवराज को बाहर निकाला, लेकिन तबतक उसकी मौत हो चुकी थी. जिस जगह पर हादसा हुआ है. वहां पहले भी एक ट्रक कोहरे के कारण फंस चुका था लेकिन उस हादसे से सबक नहीं लिया गया. जिस बेसमेंट में हादसा हुआ है. वह हमेशा ही पानी भरा रहता है.
लैडर, सर्च लाइट और बोट का इंतजाम, लेकिन...
घटना की जानकारी देते हुए ज्वाइंट सीपी गौतम बुद्ध नगर राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि यह घटना बहुत ही दुखद घटना है. हम परिवार के साथ खड़े हैं. इस घटना की सूचना मिलते ही स्थनीय पुलिस के साथ जुड़कर फायर विभाग द्वारा सारे उपकरण सुनिश्चित किए गए . जिसमें लैडर, सर्च लाइट और बोट का इंतजाम किया गया और फाइनल रेस्क्यू एसडीआरएफ को जोड़कर सुनिश्चित किया गया. उस समय जीरो विजिबिलिटी थी. पीड़ित परिवार के द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है . हादसे की जांच की जा रही है और जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.
अरुण त्यागी