भले ही अतीक अहमद और अशरफ की हत्या हो गई हो. लेकिन हत्या के बाद भी दोनों के क्राइम रिकॉर्ड्स को एक-एक कर देख पुलिस उस पर कार्रवाई कर रही है. प्रदेश सरकार, प्रयागराज जिला प्रशासन और पुलिस मरहूम अतीक अहमद से जुड़े हर एक पहलुओं पर सघनता से जांच कर रही है और कौन किस तरह से अतीक को सहायता पहुंचाता था इसकी भी जांच चल रही है. इसमें कई नाम सामने आने भी लगे हैं.
इन्ही में एक है अतीक अहमद गैंग का मेंबर आशाद कालिया, जिसने पहला अपराध 14 से 15 साल की उम्र में ही कर डाला था. यही नहीं, अपराध की दुनिया में रखते ही आशाद कालिया का इलाके में नाम हो गया था. गिट्टी के काम में हाथ डालना इसकी आदत थी और इसी काम से उसने शुरूआत की. उसके बाद लोगों से रंगदारी मांगना और धमकियां देना इसके लिए आम हो गया. उसने इस तरह खूब पैसा कमाया. लेकिन अब आशाद कालिया की अवैध प्रॉपर्टीज पर पीडीए की नजर पड़ गई है. जिन पर कार्रवाई करते हुए दो अवैध मकानों को पीडीए ने सील कर दिया है. बाकायदा पीडीए के कर्मचारियों ने अवैध निर्माणों पर अपना नोटिस भी चस्पा किया है.
जानिए कौन है आशाद कालिया?
मरहूम अतीक अहमद के गैंग में शामिल होने के लिए हर एक अपराधी उत्सुक रहता था. क्योंकि इस गैंग में शामिल होने के बाद आदमी अपराध की दुनिया में दोगुनी तरक्की करता था. इसलिए हर एक आदमी अतीक गैंग का मेंबर बनने के लिए तैयार था और महरूम अतीक अहमद ऐसे मेंबर को तर्जी भी देता था जो उसके लिए कुछ कर सके. कुछ ऐसा ही अतीक अहमद के गैंग का मेंबर आशाद कालिया था. जिसने महज 14 से 15 साल के उम्र में पहला क्राइम किया.
हालांकि, इस क्राइम में वह जल्द ही छूट भी गया. लेकिन इसके बाद ही वह और भी अपराध करने लगा. जिससे उसका नाम इलाके में होने लगा. अपराध की दुनिया में उसके बढ़ते नाम को देख अतीक अहमद ने उसे अपनी गैंग में शामिल कर लिया. प्रयागराज के चकिया का रहने वाला आशाद कालिया ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है. सिर्फ आठवीं पास है. लेकिन अपराध की दुनिया में इसने अच्छी पढ़ाई की है.
बिल्डरों से रंगदारी वसूलना, लोगों को किसी न किसी मामले में धमकाना और किसी की जमीन पर कब्जा करना. ऐसे आरोपों से घिरे आशाद कालिया ने काफी अपराध की दुनिया में पैसा भी कमा लिया. हालांकि, आशाद कालिया को अब पुलिस ने पड़कर जेल भेज दिया है. लेकिन अभी भी आशाद कालिया से पीड़ित चाहे मकसूद हूं या जीशान उर्फ जानू, सभी खौफ में हैं. पीड़ित जीशान के मुताबिक, कालिया बहुत खतरनाक है. उसके कई अलग गैंग भी हैं और उसी ने मुझे रंगदारी मांगी थी. आज भी मुझे उससे जान का खतरा है.
इसी तरह चकिया के रहने वाले मकसूद मियां हैं जोकि बिल्डर हैं. साल 2020 में मकसूद से आशाद कालिया ने 5 लाख की रंगदारी भी यह कहकर मांगी थी कि मकसूद तुम्हारा धंधा अच्छा चल रहा है. हमें हमारा रंगदारी दो नहीं तो आगे काम नहीं कर पाओगे. हालांकि इन दोनों मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली थी. इस वक्त आशाद नैनी सेंट्रल जेल में जेल में बंद है. लेकिन अभी भी इन दोनों को आशाद कालिया से जान का खतरा सता रहा है.
पीडीए ने दो मकान किए सील
आपको बता दें, आशाद कालिया पर 14 से अधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें रंगदारी मांगना और जान से मार डालने की धमकी देना आदि शामिल हैं. जब प्रदेश सरकार ने माफिया और अपराधियों पर अपनी नकेल कसी तो इस नकेल में आशाद कालिया पर भी इसका असर पड़ा. हालांकि पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर नैनी के सेंट्रल जेल में बंद कर दिया है. तो वहीं, अपराध के जरिए कमाए गए पैसों की जांच पुलिस और जिला प्रशासन कर रहे हैं. इसी कड़ी में प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने आशाद कालिया के दो अवैध मकानों पर अपना नोटिस चस्पा कर उन्हें सील कर दिया है. जिसकी कीमत तकरीबन 50 लाख रुपए से अधिक है.
आनंद राज