UP: महज 3 नंबर कम आने से नहीं बन पाई स्कूल टॉपर, उठाया खौफनाक कदम

यूपी के फतेहपुर में अच्छे नंबर आने के बावजूद एक छात्रा ने सिर्फ इसलिए जान दे दी, क्योंकि सिर्फ तीन नंबर के कारण वह स्कूल टॉपर बनने से चूक गई थी. हालांकि, स्कूल में उसे इतने अच्छे मार्क्स आने पर सम्मानित भी किया गया था. फिर भी वह गुमसुम थी. बताया जाता है कि किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि वह ऐसा खौफनाक कदम उठाएगी.

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छात्रा ने की आत्महत्या छात्रा ने की आत्महत्या

नीतेश श्रीवास्तव

  • फतेहपुर,
  • 09 मई 2024,
  • अपडेटेड 1:14 PM IST

UP News: फतेहपुर जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है.  यहां 600 में 572 नंबर हासिल करने के बाद भी छात्रा ने खौफनाक कदम उठा लिया. बताया जाता है कि महज 3 नंबर कम आने से स्कूल टॉपर नहीं बन पाई थी. इस ख्वाब के अधूरा रह जाने के बाद छात्रा ने अपनी जान दे दी. जब इसकी जानकारी परिजनों को हुई तो परिवार में कोहराम मच गया.  बताया जाता है कि इस घटना की जानकारी परिजनों ने पुलिस को नहीं दी और अंतिम संस्कार कर दिया.

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मिली जानकारी के अनुसार जिले के जाफरगंज थाना क्षेत्र के पांडेयपुर गांव निवासी योगेंद्र सिंह की 16 वर्षीय बेटी साक्षी दसवीं कक्षा की छात्रा थी. साक्षी कृष्णा इंटर कॉलेज फिरोजपुर में पढ़ती थी. इसी साल 20 अप्रैल को हाईस्कूल की परीक्षा परिणाम जारी हुआ था. इसमें वह 600 में 572 नंबरों के साथ 95.3 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. इसके बाद भी विद्यालय की ओर से उसको सम्मानित किया गया था, लेकिन स्कूल टॉप बनने से वंचित रह गई थी. 

स्कूल टॉपर नहीं बनने पर भी किया गया था सम्मानित
छात्रा पढ़ने में होनहार थी. अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने पर विद्यालय में सम्मानित हुई थी, लेकिन टॉप न कर पाने से छात्रा गुमसुम रहती थी. बताया जाता है कि इसी कारण उसने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी.जब  मां पहुंची तो बेटी को फंदे पर लटकता देख चीख पड़ी. इसके बाद वहां लोगों की भीड़ जुट गई. 

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असफलता से नहीं होना चाहिए निराश
इस घटना की बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक शिव पूजन द्विवेदीने कहा कि बच्चों को कम अंक आने पर निराश नहीं होना चाहिए. आत्मघाती कदम नहीं उठाने चाहिए. सफलता और असफलता आती जाती रहती है. मेहनत और लगन से कामयाबी मिलती है. बच्चों और अभिभावकों को भी जागरूक किया है.

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